Srinagar समेत कश्मीर के शिया इलाकों में इजरायल-अमेरिका के हमले के खिलाफ प्रदर्शन

कश्मीर के शिया इलाकों में इजरायल-अमेरिका के हमले के खिलाफ प्रदर्शन महबूबा मुफ्ती और मीरवाइज उमर फारूक ने हमले की कड़ी निंदा की ईरान में फंसे भारतीय छात्रों ने सुरक्षित निकासी की लगाई गुहार

Jammu Kashmir: शनिवार को कश्मीर के शिया बहुल इलाकों में इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए। Srinagar, Baramulla और Budgam जिलों में पुरुषों और महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर ईरान के समर्थन में नारे लगाए। कई प्रदर्शनकारी ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की तस्वीरें भी हाथ में लिए हुए थे। बारामूला के मागाम इलाके में एक महिला प्रदर्शनकारी ने कहा, “शिया कौम शहादत से डरती नहीं है। हम रहबर खामेनेई के साथ हैं और एकजुटता दिखाने के लिए सड़कों पर उतरे हैं।”

 

महबूबा मुफ्ती और मीरवाइज का बयान

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री Mehbooba Mufti ने कहा कि ईरान एक बार फिर इजरायल की आक्रामक कार्रवाई का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा, “ईरान लंबे समय से मुस्लिम दुनिया की आवाज रहा है। उसकी आस्था और विश्वास उसकी ताकत है। कोई मिसाइल उसकी संप्रभुता या हौसले को तोड़ नहीं सकती।” उन्होंने ईरान और उसके सुप्रीम लीडर की सुरक्षा की दुआ भी की। वहीं, नजरबंद किए गए Mirwaiz Umar Farooq ने भी इजरायल के हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि फिलिस्तीन के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जवाबदेही की कमी ने इजरायल को मनमानी करने का मौका दिया है। उनका कहना था कि अमेरिका के साथ मिलकर इजरायल ने पूरे मिडिल ईस्ट को बड़े संघर्ष की ओर धकेल दिया है, जिससे क्षेत्रीय और वैश्विक शांति को खतरा पैदा हो गया है।

 

ईरान में फंसे भारतीय छात्रों की अपील

इस बीच ईरान में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों ने भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से सुरक्षित निकासी की अपील दोहराई है। तेहरान से जारी एक वीडियो संदेश में एक छात्र ने कहा, “यहां लगातार एयरस्ट्राइक हो रही हैं। हालात बेहद अनिश्चित और तनावपूर्ण हैं। हम भारत सरकार से जल्द से जल्द निकासी प्रक्रिया तेज करने की मांग करते हैं।” अनौपचारिक आंकड़ों के मुताबिक, करीब 2000 भारतीय छात्र ईरान में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं, जिनमें से 60 फीसदी से ज्यादा जम्मू-कश्मीर के हैं। इसके अलावा हर महीने कश्मीर और देश के अन्य हिस्सों से सैकड़ों ज़ायरीन और कारोबारी भी ईरान जाते हैं।जम्मू-कश्मीर इकाई के ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद मोमिन खान ने कहा कि तेहरान में विस्फोटों की खबरें चिंताजनक हैं। उन्होंने विदेश मंत्री से क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तुरंत और ठोस कदम उठाने की मांग की।

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