आज शबाना आज़मी का 69वां जन्मदिन, किसी फिल्म की तरह रोचक है जावेद अख्तर से शादी की कहानी

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हिंदी सिनेमा की जानी मानी अभिनेत्री शबाना आजमी(Shabana Azmi) 18 सितंबर को अपना 69 वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। वे बॉलीवुड की बेहतरीन अभिनेत्रियों में शुमार हैं, उन्होंने बॉलीवुड में करीब 4 दशकों तक अपनी फिल्मों की अलग छाप छोड़ी है। शबाना आजमी(Shabana Azmi) के पिता कैफी आजमी(Kaifi Azmi) है जोकि एक मशहूर कवि थे | उनकी मां शौकत अली मशहूर थियेटर आर्टिस्ट थीं । शबाना जया भादुड़ी के अभिनय से प्रभावित होकर FTII पढ़ने आ गई थीं।

शबाना आजमी(Shabana Azmi) का जन्म 18 सितंबर 1950 को हुआ। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत से ही लीक से हटकर फिल्मों में काम किया। साल 1974 में श्याम बेनेगल के निर्देशन में फिल्म ‘अंकुर’ हैदराबाद की एक सच्ची कहानी पर बनी थी। श्याम बेनेगल ने अपनी इस फिल्म की कहानी कई अभिनेत्रियों को सुनाई, लेकिन सभी ने फिल्म में काम करने से मना कर दिया था। करियर के शुरुआती दौर में इस तरह का किरदार किसी भी अभिनेत्री के लिये जोखिम भरा काम हो सकता था, लेकिन शबाना आजमी ने इस फिल्म में लक्ष्मी का किरदार निभाया और एक बेहतरीन परफॉर्मेंस दी। वे अपनी पहली ही फिल्म के साथ ‘नेशनल अवॉर्ड’ जीतने में कामयाब रहीं।

लेस्बियन बनी ‘शबाना आज़मी’

उन्होंने फिल्म ‘फायर’ में एक लेस्बियन महिला का रोल निभाया था। इस फिल्म में नंदिता दास ने उनकी पार्टनर का रोल निभाया था। इस फिल्म को दीपा मेहता ने डायरेक्ट किया था। उस वक्त ये फिल्म काफी चर्चा में रही थी, तो वहीं फिल्म के रिलीज होने में भी काफी अड़चनें आई थीं। इसके अलावा उन्होंने दीपा मेहता की ही फिल्म वॉटर के लिए अपने बालों को भी मुंडवा लिया था।

जीते ये अवार्ड

शबाना आजमी(Shabana Azmi) ने लगातार तीन साल तक यानी कि साल 1983 से 1985 तक नेशनल अवॉर्ड जीते। इन फिल्मों के नाम ‘अर्थ’, ‘खंडहर’ और ‘पार’ है। इसके बाद 1999 में फिल्म ‘गॉडमदर’ के लिए भी उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस नेशनल अवॉर्ड’ मिला था। उन्होंने अपने करियर में पांच नेशनल अवॉर्ड्स जीतने में कामयाबी पाई थी। शबाना सिर्फ आर्ट सिनेमा तक ही सीमित नहीं रहीं। उन्होने विनोद खन्ना के साथ परवरिश और अमर अकबर एंथनी जैसी फिल्मों में काम कर कमर्शियल सिनेमा में भी अपनी एक्टिंग की।

शबाना आजमी(Shabana Azmi) ने अब तक करीब 130 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया है। उन्हें पद्मभूषण और पद्मविभूषण अवॉर्ड्स से सम्मानित किया जा चुका है। शबना आजमी जितनी पॉपुलर अपनी अदाकारी के लिए रहीं हैं। उतनी ही सुर्खियां पर्सनल लाइफ को लेकर भी बटोरीं है। उऩ्होंने शेखर कपूर के साथ शादी रचाई थी, लेकिन ये शादी ज्यादा दिनों तक नहीं चली। इसके बाद उन्होंने जावेद अख्तर से शादी की। इन दोनों की लव स्टोरी एक दम फिल्मी है। इस रिश्ते के लिए शबाना आजमी को अपने घर में विरोध का सामना करना पड़ा था।

जावेद के संग यूँ बंधी थी शबाना आज़मी

आपको बता दें कि जावेद पहले से शादीशुदा थे। इसलिए शबाना आजमी(Shabana Azmi) के घरवाले इस शादी के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थे । जावेद अख्तर की पहली शादी हनी से हुई थी। हनी, जावेद से 10 साल छोटी थीं। उनके दो बच्चे जोया अख्तर और फरहान अख्तर हैं। जावेद अख्तर 1970 में शबाना आजमी के पिता कैफी आजमी से लिखने की कला सीखते थे।

इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। इसके बाद शबाना को लेकर आए दिन जावेद और हनी के बीच खटपट होने लगी। बच्चों के वजह से जावेद, हनी को छोड़ना नहीं चाहते थे, लेकिन घर में रोज-रोज झगड़े होते देख हनी ने जावेद को शबाना के पास जाने की इजाजत दे दी। तब जावेद ने हनी को तलाक दे दिया । एक ओर जहां जावेद अख्तर शादी के लिए तैयार थे। वहीं शबाना के पिता इस शादी से खुश नहीं थे। कैफी आजमी को लगता था कि शबाना की वजह से जावेद अख्तर ने हनी को तलाक दिया है। शबाना आजमी(Shabana Azmi) ने पिता को यकीन दिलाया कि जावेद अख्तर की शादी उनकी वजह से नहीं टूटी। तब जाकर कैफी साहब माने।

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