सथानकुलम कस्टोडियल डेथ केस: 9 पुलिसकर्मियों को फांसी, कोर्ट ने बताया ‘दुर्लभतम अपराध’
कस्टडी में पिता-पुत्र की मौत पर बड़ा फैसला 9 पुलिसकर्मियों को मृत्युदंड, 1.40 करोड़ का जुर्माना कोर्ट ने कहा—यह ‘दुर्लभतम’ और अमानवीय अपरा

मदुरै: तमिलनाडु के मदुरै से एक बड़ी और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। साल 2020 में हुए चर्चित कस्टोडियल डेथ केस में कोर्ट ने 9 पुलिसकर्मियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। इसके साथ ही सभी दोषियों पर संयुक्त रूप से 1.40 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह मामला सथानकुलम में पिता-पुत्र की हिरासत में हुई मौत से जुड़ा है, जिसने पूरे देश को हिला दिया था।
दुर्लभतम मामला मानते हुए सुनाई सजा
मदुरै की अदालत में सुनवाई के दौरान प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जी. मुथुकुमारन ने इस केस को “दुर्लभतम” श्रेणी में रखा। कोर्ट ने कहा कि जिन पर जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है, उन्हीं द्वारा ऐसा अमानवीय अपराध किया जाना समाज की अंतरात्मा को झकझोर देता है। इसी आधार पर 9 पुलिसकर्मियों को दोषी मानते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई गई।
पिता-पुत्र की बेरहमी से हुई थी पिटाई
इस मामले में पी जयराज और उनके बेटे जे बेनिक्स को लॉकडाउन के दौरान दुकान देर तक खुली रखने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। आरोप है कि पुलिस हिरासत में दोनों के साथ बर्बर मारपीट की गई, जिसके चलते कुछ दिनों बाद अस्पताल में उनकी मौत हो गई।
कोरोना लॉकडाउन के दौरान हुई थी घटना
यह पूरी घटना जून 2020 की है, जब देशभर में COVID-19 के चलते लॉकडाउन लागू था। इसी दौरान यह घटना सामने आई, जिसने पुलिस व्यवस्था और मानवाधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। इस केस को लेकर पूरे देश में आक्रोश देखने को मिला था।
सीबीआई जांच और कोर्ट का फैसला
घटना के बाद मद्रास हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था और मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंपी गई। लंबी जांच और सुनवाई के बाद अब कोर्ट ने दोषियों को सख्त सजा सुनाते हुए पीड़ित परिवार को 1.40 करोड़ रुपये मुआवजा देने का भी आदेश दिया है।



