बड़ी खबर: नशे में धुत्त हेड-कांस्टेबल ने पति-पत्नी को रौंदा, पति की मौत.. कार से मिली शराब की बोतल, फिर क्लीन चिट?

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। बेहट चौराहे पर एक बेकाबू कार ने बाइक सवार पति-पत्नी को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में पति की मौत हो गई, जबकि पत्नी गंभीर हालत में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि कार चला रहा कोई आम शख्स नहीं बल्कि पुलिस विभाग का हेड कॉन्स्टेबल था, जिस पर शराब के नशे में होने का आरोप भी लगा है।
बैंक जा रहे थे पति-पत्नी, कार ने मचाई तबाही
मृतक की पहचान राशिद के रूप में हुई है, जो बेहट थाना क्षेत्र के पठानपुरा जसमौर गांव के रहने वाले थे। राशिद मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। गुरुवार शाम करीब 3:30 बजे राशिद पत्नी मुन्नी के साथ बैंक जाने निकले थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब दोनों बेहट चौराहे पर पहुंचे, तभी करीब 70 की रफ्तार से आ रही एक स्विफ्ट कार ने उन्हें टक्कर मार दी।
टक्कर में उड़े पति-पत्नी, अस्पताल में मौत
कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि टक्कर लगते ही पति-पत्नी करीब 10 फीट दूर जा गिरे। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत एंबुलेंस बुलाकर दोनों को CHC अस्पताल भिजवाया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
दुर्भाग्य से, देर रात करीब 11 बजे इलाज के दौरान राशिद की मौत हो गई, जबकि पत्नी की हालत नाजुक बनी हुई है।
कार से शराब की बोतल बरामद, नशे में मिला हेड कॉन्स्टेबल
ग्रामीणों का कहना है कि हादसे के बाद जब उन्होंने कार का दरवाज़ा खोला तो अंदर बैठा हेड कॉन्स्टेबल नशे में धुत मिला। इतना ही नहीं, कार से शराब की बोतल भी बरामद की गई। गुस्साए ग्रामीणों ने मौके पर हंगामा कर दिया। भीड़ को शांत कराने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और आरोपी हेड कॉन्स्टेबल को हिरासत में ले लिया गया।
आरोपी पुलिसकर्मी की पहचान और कनेक्शन
पुलिस जांच में सामने आया है कि हादसे वाली कार ननौता थाने में तैनात दरोगा रामेश्वर तोमर की है। हेड कॉन्स्टेबल का नाम आकाश है, जो बेहट डायल 112 में तैनात है। घटना के समय वह दरोगा को थाने से रिसीव करने जा रहा था।
पुलिस का बयान: मेडिकल में शराब की पुष्टि नहीं
सीओ मुनीश चंद्र ने मीडिया से बातचीत में बताया कि आरोपी हेड कॉन्स्टेबल आकाश को हिरासत में ले लिया गया है। ग्रामीणों के आरोपों के आधार पर उसकी मेडिकल जांच कराई गई, लेकिन रिपोर्ट में शराब पीने की पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
परिवार की हालत और आक्रोश
मृतक राशिद के परिवार में पांच बच्चे हैं। सबसे बड़े बेटे की शादी हो चुकी है, जबकि बाकी चार बच्चे अभी अविवाहित हैं। परिवार इस अचानक हुए हादसे से सदमे में है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस अपने ही जवान को बचाने की कोशिश कर रही है।
बड़ा सवाल
यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है—
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क्या पुलिसकर्मी खुद कानून तोड़ेंगे और निर्दोष नागरिकों की जान लेंगे?
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शराब की बोतल मिलने के बावजूद मेडिकल में ‘शराब न पीने’ की रिपोर्ट कैसे आ गई?
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क्या यह सिस्टम की खामी है या विभागीय लीपापोती?
जब तक इस हादसे की निष्पक्ष जांच नहीं होती, ग्रामीणों का गुस्सा और परिवार का आक्रोश शांत होना मुश्किल है।



