बड़ी खबर: RSS की रणनीति लीक! 2000 हिंदू सम्मेलन, 50 लाख घरों का टारगेट, Gen Z को लेकर अनोखा प्लान, 3 लाख..

रायपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे कर चुका है। छत्तीसगढ़ में इसकी नींव साल 1929 में रायपुर के तिलक नगर में रखी गई थी। वर्तमान में प्रदेशभर में संघ की 1855 सक्रिय शाखाएं संचालित हो रही हैं। इस बार संघ ने अपने शताब्दी वर्ष (2 अक्टूबर 2025 से 2 अक्टूबर 2026) को लेकर बड़े अभियान और नई योजनाएं तय की हैं।

7 प्रमुख कार्यक्रम होंगे पूरे वर्ष

इस शताब्दी वर्ष में संघ देशभर में 7 बड़े कार्यक्रम आयोजित करेगा। छत्तीसगढ़ में इनका सीधा असर दिखाई देगा।

  1. विजयादशमी उत्सव: रायपुर में करीब 12,000 गणवेशधारी स्वयंसेवक पथ संचलन में शामिल होंगे।

  2. गृह संपर्क अभियान: नवंबर 2025 से जनवरी 2026 तक 50 लाख घरों तक संपर्क का लक्ष्य।

  3. जन गोष्ठी: प्रोफेशनल वर्गों को जोड़ने और जनसंख्या नियंत्रण व जाति जनगणना जैसे मुद्दों पर चर्चा।

  4. हिंदू सम्मेलन: प्रदेशभर में 2000 से अधिक स्थानों पर सम्मेलन होंगे।

  5. सद्भाव बैठक: सामाजिक कार्यकर्ताओं और संतों की सहभागिता से सांस्कृतिक और आधुनिक जीवन का संदेश।

  6. युवा सम्मेलन और इन्फ्लुएंसर मीट: Gen Z को जोड़ने पर फोकस।

  7. शाखा विस्तार: 100 से अधिक गांवों में नई शाखाओं की शुरुआत।

छत्तीसगढ़ में 3 लाख स्वयंसेवकों का पथ संचलन

संघ का लक्ष्य है कि प्रदेशभर में 3 लाख गणवेशधारी स्वयंसेवक पथ संचलन में शामिल हों। यह अभियान 15 नवंबर तक चलेगा।

सोशल मीडिया और Gen Z पर फोकस

इस शताब्दी वर्ष में संघ खासतौर पर डिजिटल युग की नई पीढ़ी – Gen Z को जोड़ने की रणनीति पर काम करेगा। इसके लिए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मीट और बड़े युवा सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। संघ का मानना है कि Gen Z सबसे जागरूक और सोशल मीडिया से प्रभावित पीढ़ी है, इसलिए संवाद की नई भाषा में संगठन से जोड़ना जरूरी है।

पंच परिवर्तन का नरेटिव

प्रांत संघ चालक टोप लाल वर्मा के अनुसार, संघ समाज में 5 बड़े परिवर्तन लाने पर फोकस करेगा:

  1. कुटुंब प्रबोधन – न्यूक्लियर फैमिली ट्रेंड को संतुलित करने की कोशिश।

  2. पर्यावरण संरक्षण – पानी बचाना, पॉलिथीन से बचना और पेड़ लगाना।

  3. सामाजिक समरसता – जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर एकता पर बल।

  4. नागरिक कर्तव्य – हर नागरिक को जिम्मेदार बनाने की पहल।

  5. स्व का बोध – भारतीय संस्कृति और पहचान को समझना और अपनाना।

हिंदू सम्मेलन और गांवों में पहुंच

संघ इस दौरान 2000 हिंदू सम्मेलन आयोजित करेगा। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों पर जोर रहेगा ताकि गांव-गांव में सामाजिक एकजुटता का संदेश दिया जा सके।

100 साल बाद नए लक्ष्य

संघ अब उन वर्गों तक पहुंचना चाहता है, जो इसे जानते तो हैं लेकिन अब तक जुड़े नहीं। इसके लिए संपर्क अभियान, शाखा विस्तार और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल किया जाएगा।

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