दिल्ली में 27 करोड़ की ड्रग बरामद, बर्खास्त कस्टम अधिकारी निकला अंतरराष्ट्रीय सप्लायर
दिल्ली पुलिस ने 27 करोड़ की ड्रग्स के साथ एक बर्खास्त कस्टम अधिकारी को गिरफ्तार किया। आरोपी थाईलैंड से हाइड्रोपोनिक मारिजुआना की तस्करी करता था और हवाला व क्रिप्टो के जरिए रकम दुबई भेजता था। नेटवर्क की जांच जारी है।

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने भारत, थाईलैंड और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने एक बर्खास्त सीमा शुल्क अधिकारी रोहित कुमार शर्मा को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 21.512 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक मारिजुआना बरामद किया गया है, जिसकी कीमत 27 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।
इसके अलावा पुलिस ने उसके पास से 44.42 लाख रुपये नकद, एक एसयूवी कार और एक स्कूटर भी जब्त किया, जिन्हें मादक पदार्थों की बिक्री से अर्जित धन से खरीदा गया था।
जनकपुरी में रातभर चला ऑपरेशन
अपराध शाखा के डीसीपी संजीव कुमार यादव ने बताया कि आरोपी को जनकपुरी इलाके के जनक सिनेमा के पास पकड़ा गया। 13 और 14 अक्टूबर की दरमियानी रात पुलिस ने सूचना के आधार पर जाल बिछाया था। रोहित कुमार शर्मा को तब पकड़ा गया जब वह हाइड्रोपोनिक मारिजुआना की एक बड़ी खेप सौंपने की तैयारी कर रहा था।
हाइड्रोपोनिक मारिजुआना: महंगी और हाई–क्लास पार्टी ड्रग
पुलिस के अनुसार जब्त की गई ड्रग हाइड्रोपोनिक मारिजुआना एक दुर्लभ और महंगी किस्म की गांजा है, जिसे वैज्ञानिक तकनीकों से उगाया जाता है। इसमें सामान्य कैनाबिस से 10 गुना अधिक टीएचसी पाया जाता है। यह मुख्य रूप से थाईलैंड से पार्सल मार्गों के जरिए भारत लाई जाती थी और उच्च आय वर्ग एवं पार्टी सर्किलों में लोकप्रिय है।
कस्टम अधिकारी से तस्कर बना इंजीनियर
35 वर्षीय रोहित कुमार शर्मा ने इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बी.टेक किया है और 2015 में केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क विभाग (CBIC) में इंस्पेक्टर के रूप में शामिल हुआ था। 2019 में केरल के कन्नूर हवाई अड्डे पर तैनाती के दौरान उसे सोने की तस्करी में गिरफ्तार किया गया। इसके बाद राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने उसे NDPS एक्ट में भी आरोपी बनाया। विभागीय जांच के बाद उसे 2023 में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
दुबई में बना नेटवर्क, हवाला–क्रिप्टो से होती थी रकम ट्रांसफर
नौकरी से निकाले जाने के बाद रोहित दुबई चला गया, जहां उसकी मुलाकात बिहार निवासी अभिषेक नामक व्यक्ति से हुई। दोनों ने मिलकर थाईलैंड से ड्रग्स भारत लाने की साजिश रची। शर्मा ने अपने पुराने सीमा शुल्क संपर्कों का इस्तेमाल करते हुए गुवाहाटी जैसे कम व्यस्त हवाईअड्डों से तस्करी शुरू की।
पुलिस के अनुसार, ड्रग की बिक्री से हुई कमाई को हवाला और क्रिप्टोकरेंसी चैनलों के माध्यम से दुबई भेजा जाता था। फिलहाल पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।



