बड़ी खबर: देख लीजिए राजा भैया का हत्यारों का जखीरा, विजयदशमी पर किया शस्त्र पूजन.. फोटो-वीडियो किए सार्वजानिक!

प्रयागराज/कुंडा। उत्तर प्रदेश के कद्दावर विधायक राजा भैया (रघुराज प्रताप सिंह) ने विजयदशमी पर अपने बेंती महल में पारंपरिक शस्त्र पूजा कर विरोधियों और पत्नी भानवी सिंह के आरोपों का अप्रत्यक्ष जवाब दिया। हर साल की तरह इस बार भी राजा भैया ने शस्त्रागार में रखे अस्त्र-शस्त्रों की विधिवत पूजा की, लेकिन खास बात यह रही कि इस बार उन्होंने इसकी वीडियो और तस्वीरें सार्वजनिक कीं।
पत्नी का आरोप – “अवैध हथियारों का जखीरा”
राजा भैया और उनकी पत्नी भानवी सिंह के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। 3 जून 2025 को भानवी सिंह ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में लेटर देकर गंभीर आरोप लगाए थे। उनका दावा था कि राजा भैया के पास विदेशी और खतरनाक किस्म के अवैध हथियारों का जखीरा है, जिनसे बड़े पैमाने पर जनहानि हो सकती है।
उन्होंने राजा भैया पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया। इसके बाद PMO ने गृह मंत्रालय को जांच का आदेश दिया।
“फर्जी और एडिटेड फोटो”
राजा भैया के करीबी और विधायक कुंवर अक्षय प्रताप सिंह उर्फ गोपाल जी ने भानवी सिंह के आरोपों को “बेबुनियाद” करार दिया। उन्होंने कहा कि वायरल फोटो-वीडियो एआई से एडिटेड हैं।
गोपाल जी ने तर्क दिया कि भानवी सिंह 10 साल से अलग रह रही हैं, ऐसे में सवाल उठता है कि हथियारों की फोटो उनके पास कहां से आई?
उनके मुताबिक, राजा भैया के पास मौजूद हर हथियार कानूनी लाइसेंस के तहत है और दशहरे पर इनकी पूजा एक परंपरा के तहत की जाती है।
सोशल मीडिया पर शेयर किए फोटो-वीडियो
गोपाल जी के बयान के बाद 18 सितंबर को भानवी सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (Twitter) पर हथियारों की तस्वीरें शेयर कीं।
24 सितंबर 2025 को उन्होंने वीडियो और नई तस्वीरें साझा करते हुए एजेंसियों की निष्क्रियता पर सवाल उठाए:
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क्या किसी को इस तरह के हथियार रखने की अनुमति है?
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क्या यह गंभीर अपराध नहीं है?
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क्या ऐसे व्यक्ति से लोगों की सुरक्षा को खतरा नहीं है?
राजा भैया हजारों की संख्या में हथियारों की शस्त्र पूजा कर रहे है
इतना हथियार तो शायद प्रतापगढ़ पुलिस के पास भी न हो, क्या पुलिस को इसकी जांच नहीं करनी चाहिए ? pic.twitter.com/5qjyRCVnEm
— Surya Samajwadi (@surya_samajwadi) October 2, 2025
दशहरे पर शस्त्र पूजा: परंपरा और मान्यता
राजा भैया द्वारा दशहरे पर शस्त्र पूजा केवल परंपरा नहीं, बल्कि ऐतिहासिक परंपरा का हिस्सा है। दरअसल, विजयदशमी के दिन क्षत्रिय वर्ग शौर्य के प्रतीक अस्त्र-शस्त्र की पूजा करता है। धार्मिक मान्यता है कि मां दुर्गा ने इसी दिन दैत्यों का वध कर लोककल्याण किया था, इसलिए इसे “विजयदशमी” कहा गया।
राजनीतिक और पारिवारिक संघर्ष
दशहरे के मौके पर राजा भैया द्वारा शस्त्र पूजा की तस्वीरें और वीडियो जारी करना कहीं न कहीं उनकी पत्नी भानवी सिंह के आरोपों पर सीधा जवाब माना जा रहा है।
जहां एक ओर परिवारिक विवाद अदालत और जांच एजेंसियों के स्तर तक पहुंच चुका है, वहीं दूसरी ओर यह मामला राजनीतिक रंग भी ले रहा है।



