Rahul Gandhi की भिवंडी कोर्ट में पेशी, रास्ते में दिखाए गए काले झंडे
राहुल गांधी की भिवंडी कोर्ट में पेशी, रास्ते में काले झंडे आरएसएस मानहानि केस में माफी से इनकार, ट्रायल फेस करेंगे दिल्ली में यूथ कांग्रेस के समर्थन में अखिलेश यादव पहुंचे कोर्ट

Maharashtra news: महाराष्ट्र के भिवंडी कोर्ट में आज कांग्रेस नेता राहुल गांधी की पेशी हुई। कोर्ट जाते समय मुलुंड टोल नाका पर उनके काफिले को कुछ बीजेपी युवा कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए। सुरक्षा के बीच राहुल गांधी तय कार्यक्रम के अनुसार कोर्ट पहुंचे और कार्यवाही में शामिल हुए। यह मामला आरएसएस मानहानि केस से जुड़ा है। राहुल गांधी के वकील नारायण अय्यर ने बताया कि इस केस में उनकी ओर से महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल नए जमानतदार बने हैं। इससे पहले इस मामले में शिवराज पाटिल जमानतदार थे, लेकिन उनके निधन के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत नए जमानतदार की जरूरत पड़ी। राहुल गांधी ने साफ किया है कि वह माफी नहीं मांगेंगे और ट्रायल का सामना करेंगे।
शिकायतकर्ता ने क्या कहा?
मामले के शिकायतकर्ता राजेश कुंटे ने कहा कि राहुल गांधी का बयान तथ्यों पर आधारित नहीं है। उनके अनुसार, महात्मा गांधी की हत्या से संघ का कोई संबंध नहीं रहा है और इस बात को कई बार स्पष्ट किया जा चुका है। कुंटे ने कहा कि उनके पास जो भी दस्तावेज और सबूत हैं, वे अदालत में पेश किए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि शुरुआती सुनवाई के दौरान उनके वकील ने राहुल गांधी से माफी मांगने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन राहुल गांधी इसके लिए तैयार नहीं हुए। कुंटे ने कहा कि वह बचपन से स्वयंसेवक के रूप में संघ से जुड़े रहे हैं और उनका परिवार भी संगठन से संबंधित रहा है।
दिल्ली में भी सियासी हलचल
इधर दिल्ली में भारत मंडपम में आयोजित एआई समिट के बाद विरोध प्रदर्शन के मामले में हिरासत में लिए गए कांग्रेस यूथ कार्यकर्ताओं की भी आज कोर्ट में पेशी होनी है। भाजपा ने इस प्रदर्शन को साजिश करार दिया था। इन कार्यकर्ताओं के समर्थन में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष Akhilesh Yadav कोर्ट पहुंचे। उन्होंने कहा कि वे बीजेपी और आरएसएस से डरने वाले नहीं हैं। उनके मुताबिक भारत मंडपम में हुआ प्रदर्शन कोई साजिश नहीं था और न ही वे माफी मांगेंगे। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर किसी को माफी मांगनी चाहिए तो वह सरकार है, जिसने अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की छवि को प्रभावित किया। फिलहाल दोनों मामलों पर सबकी नजर अदालत की आगामी कार्यवाही पर टिकी है।



