बड़ी खबर: राहुल गांधी के रास्ते में बैठे BJP मंत्री, यूपी में काफिला रुका.. पुलिस से धक्का-मुक्की, वापस जाओ के नारे!

रायबरेली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दौरे के दौरान विरोध प्रदर्शन की घटना सामने आई। योगी सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह अपने समर्थकों के साथ राहुल गांधी के काफिले का रास्ता रोककर धरने पर बैठ गए। नारेबाजी और धक्कामुक्की के बीच पुलिस ने मंत्री और उनके समर्थकों को हटाने का प्रयास किया। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब राहुल गांधी रायबरेली में बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से मुलाकात और प्रशासनिक बैठकों में शामिल होने पहुंचे हैं।

काफिले को रास्ते में रोका गया

राहुल गांधी का काफिला रायबरेली पहुंचते ही विरोध का सामना कर गया। योगी सरकार में मंत्री दिनेश प्रताप सिंह अपने समर्थकों के साथ सड़क पर बैठ गए और राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी की। “राहुल वापस जाओ” के नारे लगाए गए। विरोध के चलते पुलिस ने काफिले को करीब 1 किलोमीटर पहले ही रोक दिया। इससे यात्रा में बाधा आई और सुरक्षा बलों को सतर्क रहना पड़ा।

पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्कामुक्की

जब पुलिस ने मंत्री दिनेश प्रताप सिंह और उनके समर्थकों को उठाकर रास्ता साफ करने की कोशिश की तो धक्कामुक्की का माहौल बन गया। भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तनातनी देखने को मिली। हालाँकि स्थिति नियंत्रण में लाई गई, लेकिन विरोध प्रदर्शन ने राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना दिया है।

राहुल गांधी का रायबरेली दौरा

राहुल गांधी बुधवार सुबह करीब साढ़े 8 बजे दिल्ली स्थित अपने आवास से रायबरेली के लिए रवाना हुए। पहले वे दिल्ली एयरपोर्ट से फ्लाइट द्वारा लखनऊ पहुंचे और फिर सड़क मार्ग से रायबरेली गए। हरचंदपुर में उनकी गाड़ी रोककर समाजवादी पार्टी के नेताओं से मुलाकात की गई।

राहुल गांधी 10 और 11 सितंबर को रायबरेली में रहेंगे। इस दौरान वे बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से मिलेंगे, प्रशासन की दिशा बैठक में हिस्सा लेंगे और विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे। लोकसभा चुनाव जीतने के बाद यह उनका छठा दौरा है। इससे पहले वे अप्रैल महीने में रायबरेली आए थे।

पोस्टर विवाद ने बढ़ाई राजनीति की गरमाहट

राहुल गांधी के दौरे से पहले प्रदेश सचिव लोहिया वाहिनी राहुल निर्मल बागी ने एक पोस्टर जारी किया, जिसमें राहुल गांधी, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव को क्रमशः ब्रह्मा, विष्णु और महेश के रूप में दर्शाया गया है। पोस्टर में बताया गया कि ये नेता दबे‑कुचले लोगों की आवाज बनकर उभरे हैं और पिछड़े, दलित व अल्पसंख्यक वर्गों की लड़ाई लड़ रहे हैं। पोस्टर ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है और इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं।

संगठन को मजबूत करने की दिशा में कदम

राहुल गांधी का रायबरेली दौरा लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। वहीं, विरोध प्रदर्शन ने राजनीतिक दलों के बीच तनाव बढ़ा दिया है। प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था सख्त करनी पड़ी और पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई।

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