मुफ्त इलाज से बदली बुजुर्ग महिला की जिंदगी, भगवंत मान सरकार की योजना बनी सहारा

सरकार की पहल बनी सहारा, मुफ्त इलाज से नई जिंदगी 1.5 लाख का ऑपरेशन हुआ फ्री, परिवार पर से हटा बोझ योजना ने लौटाया आत्म-सम्मान, बुजुर्ग महिला की बदली जिंदगी

Punjab news: पंजाब के होशियारपुर जिले के दसूहा क्षेत्र में स्थित गाँव पनवा की 65 वर्षीय केवल कौर के जीवन में 17 अप्रैल का दिन बहुत खुशियाँ लेकर आया। पिछले कई वर्षों से वह घुटनों के असहनीय दर्द से जूझ रही थी, जिसके कारण उसकी दुनिया केवल दर्द तक सीमित होकर रह गई थी। वह बिना सहारे के चल नहीं सकती थी और हर दिन संघर्ष जैसा लगता था।

सरकार की पहल बनी सहारा

आज, केवल कौर फिर से अपने पैरों पर खड़े होने की ओर बढ़ रही है, वह भी बिना किसी आर्थिक बोझ के—जिसका श्रेय भगवंत मान सरकार की स्वास्थ्य पहल को जाता है।

Punjab news: मुफ्त ऑपरेशन से बदली जिंदगी

‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत उनके घुटनों का ऑपरेशन ‘पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज’ जालंधर में सफलतापूर्वक किया गया। कभी परिवार को यह इलाज आर्थिक रूप से पहुंच से बाहर लगता था क्योंकि ऑपरेशन पर पहले लगभग 1.5 लाख रुपये का खर्च होता था, जो अब बिल्कुल मुफ्त किया गया।

Punjab news: बेटे ने सुनाई संघर्ष की कहानी

केवल कौर के बेटे मनदीप सिंह, जो किसान है, इन मुश्किल समयों को याद करते हुए भावुक हो जाता है। लगभग पाँच साल तक उसकी माँ लगातार दर्द में रही। उन्होंने कई डॉक्टरों से सलाह की, दवाइयाँ लीं, लेकिन कोई स्थायी राहत नहीं मिली। आखिरकार हालत ऐसी हो गई कि बिना सहारे के एक कदम भी चलना मुश्किल हो गया। वह बताते हैं, “जब मेरी माता जी पूरी तरह से निर्भर हो गए, तब सर्जरी ही एकमात्र उम्मीद थी।”

हेल्थ कार्ड बना गेम चेंजर

मनदीप ने पहले अखबार में इस योजना के बारे में पढ़ा था और हेल्थ कार्ड बनवाया, जो उनके जीवन में बड़ा बदलाव लेकर आया। अस्पताल की प्रक्रियाओं के बाद 17 अप्रैल को डॉ. अनित सच्चर और उनकी टीम ने लगभग दो घंटे की प्रक्रिया में सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की।

Punjab news: रिकवरी के साथ लौटी उम्मीद

अब रिकवरी शुरू हो चुकी है, और साथ ही आत्म-सम्मान तथा सुकून की वापसी भी। हालाँकि टाँके अभी लगे हुए हैं और जल्द ही काट दिए जाएँगे, लेकिन जो दर्द वर्षों से उनके जीवन का हिस्सा था, वह अब कम होने लगा है।

भावुक हुईं केवल कौर

भावुक होकर केवल कौर कहती हैं, “मुख्यमंत्री भगवंत मान मेरे लिए तीसरे बेटे के समान हैं। मेरा ऑपरेशन बिना एक पैसा खर्च किए हो गया। अब मैं किसी पर बोझ नहीं हूँ। जिंदगी अब आसान होगी।”

Punjab news: परिवार को मिला सम्मान

परिवार के लिए यह सिर्फ एक मेडिकल प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि आत्म-सम्मान की वापसी थी। मनदीप बताते हैं कि भले ही उनके बच्चे विदेश में रहते हैं और आर्थिक मदद भी संभव थी, लेकिन इस योजना ने उन्हें आज़ादी और सम्मान दिया।

अन्य मरीजों को भी मिला लाभ

उन्होंने यह भी बताया कि केवल कौर के साथ  मोहाली, होशियारपुर और आसपास के गाँवों के लगभग पाँच अन्य बुजुर्ग मरीजों का भी इसी योजना के तहत घुटनों का ऑपरेशन हुआ। शुरुआती टेस्टों में लगभग 2,400 रुपये का खर्च आया, लेकिन पूरा इलाज मुफ्त रहा।

Punjab news: 10 लाख तक का मुफ्त इलाज

मनदीप के अनुसार, इस योजना के तहत ₹10 लाख तक का मुफ्त इलाज गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

एक कहानी, कई उम्मीदें

Punjab news: केवल कौर की कहानी सिर्फ एक सफल ऑपरेशन की कहानी नहीं है, बल्कि यह इस बात का स्पष्ट उदाहरण है कि जब सही समय पर सही मदद मिलती है, तो वह सिर्फ स्वास्थ्य ही नहीं लौटाती, बल्कि उम्मीद, आत्म-सम्मान और जीवन जीने की इच्छा भी वापस लौटाती है।

 

 

यह भी पढ़ें: तमिलनाडु में थलपति विजय का जबरदस्त धमाका, शुरुआती रुझानों में टीवीके ने सबको चौंकाया

Related Articles

Back to top button