पीएम मोदी ने वीवीआईपी कल्चर पर किया प्रहार, अपने काफिले से हटाईं गैर-जरूरी गाड़ियां
प्रधानमंत्री ने सुरक्षा मानकों से समझौता किए बिना अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या कम कर सादगी और जिम्मेदारी का संदेश दिया। हालिया वडोदरा और गुवाहाटी दौरों में छोटे काफिले के साथ सफर कर पीएम ने ट्रैफिक जाम की समस्या और सरकारी खर्च को कम करने की पहल की। ईंधन और संसाधनों की बचत की अपनी अपील को खुद व्यवहार में उतारकर पीएम ने मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों के लिए एक नई मिसाल पेश की है।

Pm modi convoy: नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर अपनी सादगी और संसाधनों के सही इस्तेमाल का बड़ा संदेश दिया है। हाल के घरेलू दौरों के दौरान पीएम मोदी ने अपने काफिले में शामिल गाड़ियों की संख्या में कटौती कर दी है। सबसे खास बात यह है कि यह फैसला सुरक्षा के कड़े मानकों से बिना किसी समझौते के लिया गया है। इसे प्रधानमंत्री की ओर से देश के सामने एक सकारात्मक मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है।
सुरक्षा वही, पर गाड़ियों का शोर हुआ कम
मिली जानकारी के अनुसार, अपनी हालिया वडोदरा और गुवाहाटी यात्राओं के दौरान पीएम मोदी का काफिला पहले के मुकाबले काफी छोटा नजर आया। उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले एसपीजी के तमाम जरूरी प्रोटोकॉल वैसे ही रहे, जैसे पहले थे। सुरक्षा के लिहाज से जो गाड़ियां बेहद जरूरी थीं, उन्हें काफिले में रखा गया, लेकिन गैर-जरूरी गाड़ियों को हटाकर प्रधानमंत्री ने सादगी का परिचय दिया।
Pm modi convoy: जनता की सुविधा को दी प्राथमिकता
प्रधानमंत्री के इस फैसले को आम जनता की सहूलियत से भी जोड़कर देखा जा रहा है। अक्सर बड़े नेताओं और वीवीआईपी मूवमेंट की वजह से सड़कों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है, जिससे आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। काफिले का आकार छोटा होने से ट्रैफिक मैनेजमेंट में आसानी होगी और सड़कों पर लगने वाले जाम से नागरिकों को बड़ी राहत मिल सकेगी।
Pm modi convoy: खुद उदाहरण बनकर पेश किया नया संदेश
हाल ही में हैदराबाद में दिए अपने भाषण में पीएम मोदी ने देशवासियों से ईंधन और विदेशी मुद्रा बचाने की अपील की थी। उन्होंने लोगों से संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग करने को कहा था। अब अपने ही काफिले में कटौती कर उन्होंने यह साबित कर दिया है कि वह जो कहते हैं, उसे खुद भी अमल में लाते हैं। उनके इस कदम की चर्चा अब हर तरफ हो रही है।
राज्यों में भी कम होगा वीवीआईपी कल्चर
Pm modi convoy: प्रधानमंत्री के इस फैसले का असर अब राज्यों में भी दिखने की उम्मीद है। सूत्रों की मानें तो उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिलों को छोटा करने पर मंथन शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि पीएम के इस कदम के बाद सरकारी खर्च में कमी लाने और संसाधनों को बचाने की यह मुहिम पूरे देश में एक नई प्रशासनिक संस्कृति को जन्म देगी।
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