पाकिस्तान बना आतंकी अड्डा, अमेरिकी रिपोर्ट में बड़े खुलासे

अमेरिकी रिपोर्ट में पाकिस्तान पर गंभीर आरोप कई आतंकी संगठन अब भी सक्रिय बताए गए भारत के रुख को मिली अंतरराष्ट्रीय मजबूती

Pakistan: अमेरिकी कांग्रेस की एक ताज़ा रिसर्च रिपोर्ट में पाकिस्तान को कई हथियारबंद आतंकी संगठनों का सुरक्षित ठिकाना बताया गया है। 25 मार्च को जारी इस रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में कुछ आतंकी गुट 1980 के दशक से ही सक्रिय हैं और आज भी उनकी गतिविधियां जारी हैं। ये संगठन न सिर्फ भारत और अफगानिस्तान बल्कि दुनिया के कई हिस्सों में अपने नेटवर्क के जरिए ऑपरेट कर रहे हैं।

खत्म नहीं हुए आतंकी गुट

रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि बड़े सैन्य अभियानों और खुफिया ऑपरेशनों के बावजूद इन आतंकी संगठनों को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सका है। अमेरिकी और संयुक्त राष्ट्र द्वारा आतंकी घोषित किए जाने के बाद भी ये गुट पाकिस्तान की जमीन पर सक्रिय हैं। भारत और कश्मीर को निशाना बनाने वाला लश्कर-ए-तैयबा भी उन्हीं में से एक है, जिसकी स्थापना 1980 के दशक के अंत में हुई थी।

Pakistan: लश्कर-ए-तैयबा ने बदला नाम

हाफिज सईद के नेतृत्व वाला यह संगठन पाकिस्तान के पंजाब प्रांत और पीओके में सक्रिय बताया गया है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने के लिए इसने अपना नाम बदलकर जमात-उद-दावा कर लिया। इसी संगठन को 2008 के मुंबई आतंकी हमलों का जिम्मेदार माना जाता है, जिसमें कई लोगों की जान गई थी।

Pakistan: आतंकियों की है भरमार

रिपोर्ट में जैश-ए-मोहम्मद का भी जिक्र है, जिसकी स्थापना मसूद अजहर ने साल 2000 में की थी। इसके अलावा हरकत-उल-जिहाद-अल-इस्लामी, हरकत-उल-मुजाहिदीन और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे कई अन्य आतंकी संगठन भी पाकिस्तान से अपनी गतिविधियां चला रहे हैं।

US रिपोर्ट से मजबूत हुआ भारत का पक्ष

Pakistan: अमेरिकी रिपोर्ट ने पाकिस्तान पर आतंकियों को समर्थन देने के आरोपों को और मजबूत किया है। रिपोर्ट में द रेजिस्टेंस फ्रंट का भी जिक्र है, जिसे लश्कर से जुड़ा माना जाता है। पहलगाम हमले में इसी संगठन की भूमिका सामने आई थी, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। यह रिपोर्ट एक बार फिर इस बात की ओर इशारा करती है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद पाकिस्तान में आतंकी नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं और उनकी गतिविधियां जारी हैं।

 

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