Pakistan: जैश-ए-मोहम्मद का महिलाओं के लिए ऑनलाइन कोर्स, मसूद अजहर की बहनें लेंगी क्लास, फीस 500 रुपये
जैश-ए-मोहम्मद ने महिलाओं की भर्ती के लिए “तुफ़त अल-मुमिनात” नामक ऑनलाइन कोर्स शुरू किया है, जिसमें मसूद अजहर की बहनें कक्षाएं लेंगी। 500 रुपये फीस वाले इस कोर्स का उद्देश्य आतंक के लिए फंड और महिला ब्रिगेड तैयार करना है।

पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश–ए–मोहम्मद ने महिलाओं की भर्ती के लिए एक नया तरीका अपनाया है। संगठन ने “तुफ़त अल–मुमिनात” नाम से ऑनलाइन कोर्स शुरू किया है, जिसके माध्यम से महिलाओं को कट्टरपंथ और जिहाद की विचारधारा से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। इस कोर्स का मुख्य उद्देश्य जैश की महिला ब्रिगेड “जमात उल–मुमिनात” के लिए फंड जुटाना और भर्ती बढ़ाना है।
मसूद अजहर की बहनें चलाएंगी ऑनलाइन कक्षाएं
खुफिया सूत्रों के मुताबिक, यह ऑनलाइन कोर्स 8 नवंबर से शुरू होगा, जिसमें रोजाना 40 मिनट की ऑनलाइन क्लास होगी। इन कक्षाओं का संचालन आतंकी सरगना मसूद अजहर की दो बहनें— सादिया अजहर और समैरा अजहर — करेंगी। प्रत्येक प्रतिभागी से 500 पाकिस्तानी रुपये फीस ली जा रही है, जिसका इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों में किया जाएगा। इस कोर्स के लिए महिलाओं से ऑनलाइन फॉर्म भरवाए जा रहे हैं।
जैश की महिला विंग की कमान सादिया अजहर को दी गई है। सादिया के पति यूसुफ अजहर की मौत 2019 में भारतीय वायुसेना के बहावलपुर एयरस्ट्राइक में हुई थी। मसूद अजहर ने अपनी अन्य बहन साफिया और पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड उमर फारूक की पत्नी अफरीरा फारूक को भी इस अभियान में शामिल किया है।
महिलाओं की ‘ऑनलाइन भर्ती’ के पीछे रणनीति
पाकिस्तानी समाज में रूढ़िवादी सोच के चलते महिलाओं का स्वतंत्र रूप से बाहर आना मुश्किल होता है। इसी का फायदा उठाकर जैश ने ऑनलाइन भर्ती तंत्र बनाया है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि जैश की यह महिला ब्रिगेड भविष्य में आईएसआईएस या हमास की तर्ज पर आत्मघाती हमलों के लिए इस्तेमाल की जा सकती है।
पाक की दोहरी नीति पर उठे सवाल
पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दावा करता है कि उसने FATF के दिशानिर्देशों के अनुसार आतंक के वित्तपोषण पर रोक लगा रखी है। लेकिन हकीकत यह है कि जैश जैसे संगठन खुलेआम ऑनलाइन कक्षाएं और चंदा अभियान चला रहे हैं।
हाल ही में, 8 अक्टूबर को मसूद अजहर ने महिला विंग की घोषणा की थी। 19 अक्तूबर को PoK के रावलकोट में “दुख़तरान–ए–इस्लाम” कार्यक्रम हुआ, जबकि 27 सितंबर को बहावलपुर में उसने सार्वजनिक रूप से चंदे की अपील की थी।



