संसद परिसर में मोदी-राहुल की मुलाकात ने बढ़ाई सियासी हलचल, वीडियो वायरल

मोदी और राहुल गांधी की सहज बातचीत का वीडियो चर्चा में महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती पर प्रेरणा स्थल पर हुआ आमना-सामना राजनीतिक गर्म माहौल के बीच मुलाकात ने बढ़ाई उत्सुकता

Narendra Modi: संसद भवन परिसर में शनिवार को एक अलग ही राजनीतिक तस्वीर देखने को मिली, जब प्रधानमंत्री Narendra Modi और लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi आमने-सामने आए और कुछ देर तक सहज बातचीत करते नजर आए। आमतौर पर संसद और चुनावी मंचों पर एक-दूसरे पर तीखे हमले करने वाले ये दोनों नेता इस बार बिना किसी तनाव के बातचीत करते दिखे। इस मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी और लोगों के बीच कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया।

 

प्रेरणा स्थल पर हुआ आमना-सामना

दरअसल यह मुलाकात 11 अप्रैल को महान समाज सुधारक Mahatma Jyotiba Phule की जयंती के अवसर पर हुई, जब प्रधानमंत्री मोदी संसद परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पर उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। इस दौरान वहां लोकसभा अध्यक्ष Om Birla, केंद्रीय मंत्री Arjun Ram Meghwal और राज्यसभा के पूर्व उपसभापति Harivansh समेत कई नेता मौजूद थे। पीएम मोदी एक-एक कर सभी से मिले और जब राहुल गांधी के पास पहुंचे तो कुछ क्षण रुककर उनसे बातचीत भी की, जिसका वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है।

 

Narendra Modi: संक्षिप्त बातचीत ने बढ़ाई उत्सुकता

वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दोनों नेताओं के बीच कुछ सेकंड तक आमने-सामने खड़े होकर बातचीत हुई। हालांकि इस बातचीत का विषय सार्वजनिक नहीं हो सका है, लेकिन इस छोटे से संवाद ने राजनीतिक हलकों में उत्सुकता जरूर बढ़ा दी है। मौजूदा समय में जब सियासी माहौल काफी गरम है, ऐसे में दोनों बड़े नेताओं की यह सहज मुलाकात कई संकेत भी दे रही है और लोगों को सोचने पर मजबूर कर रही है कि क्या यह सिर्फ औपचारिक बातचीत थी या इसके पीछे कोई और संदेश छिपा है।

 

महात्मा फुले को दी श्रद्धांजलि

Narendra Modi: इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने महात्मा फुले को याद करते हुए उनके सामाजिक योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि फुले का पूरा जीवन समानता, शिक्षा और सामाजिक न्याय के लिए समर्पित रहा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में उन्होंने लिखा कि फुले ने समाज के वंचित वर्गों और महिलाओं के अधिकारों के लिए महत्वपूर्ण संघर्ष किया और शिक्षा को सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बनाया। 11 अप्रैल 1827 को जन्मे महात्मा फुले ने जीवनभर सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई और आज उनकी जयंती पर देशभर में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

 

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