TTE से दुर्व्यवहार पड़ा महंगा, डेढ़ साल बाद कोर्ट ने 7 यात्रियों को भेजा जेल
कोटा के टीटीई गणेश सिंह से दुर्व्यवहार करने वाले सात यात्रियों को कोर्ट ने डेढ़ साल बाद जेल भेजा। मथुरा जीआरपी की पक्षपातपूर्ण जांच रद्द कर भरतपुर जीआरपी ने दोबारा जांच की। meanwhile, कोटा–वैष्णो देवी एक्सप्रेस का संचालन 1 नवंबर से पुनः शुरू होगा।
कोटा: ट्रेन में टीटीई से उलझना सात यात्रियों को भारी पड़ गया। करीब डेढ़ साल पहले हुए इस मामले में अब कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी को जेल भेजने का आदेश दिया है। भरतपुर जीआरपी ने कोटा के टीटीई गणेश सिंह से दुर्व्यवहार के आरोप में सात यात्रियों को गिरफ्तार कर मंगलवार को अदालत में पेश किया, जहां से सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
टीटीई पर उल्टा केस दर्ज करने से भड़के सहकर्मी
यह मामला 18 फरवरी 2024 को कोटा–देहरादून नंदा देवी एक्सप्रेस (12401) में हुआ था। भरतपुर–मथुरा के बीच सफर कर रहे सात वेटिंग लिस्ट यात्रियों ने ड्यूटी पर तैनात टीटीई गणेश सिंह से अभद्रता की थी। गणेश सिंह ने मथुरा जीआरपी में शिकायत दी, लेकिन वहां उल्टा उन्हीं के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया। इससे नाराज कोटा के टीटीई यूनियन ने तत्कालीन वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक रोहित मालवीय को इस पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया।
पक्षपातपूर्ण जांच निरस्त, दोबारा जांच के आदेश
कोटा मंडल की जांच में यह पाया गया कि मथुरा जीआरपी ने पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की थी। इसके बाद टीटीई गणेश सिंह के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति रद्द कर दी गई और मथुरा जीआरपी को दोबारा जांच करने के निर्देश दिए गए। जनवरी 2025 में शुरू हुई पुनः जांच में सामने आया कि सातों यात्रियों ने टीटीई को झूठे आरोपों में फंसाने की कोशिश की थी। अंततः भरतपुर जीआरपी ने दोष सिद्ध होने पर आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की, जिसके आधार पर कोर्ट ने सभी को जेल भेज दिया।
कोटा से वैष्णो देवी एक्सप्रेस सेवा फिर शुरू
इधर, जम्मू–तवी रेलखंड पर भूस्खलन से बाधित रेल सेवा अब बहाल कर दी गई है। कोटा रेल मंडल से चलने वाली गाड़ी संख्या 19803 कोटा–श्री माता वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस 1 नवंबर से और 19804 कटरा–कोटा एक्सप्रेस 2 नवंबर से पुनः अपने निर्धारित समय पर चलेगी।



