CBI के चुंगल में फंसी UKO बैंक की मैनेजर साहिबा, रंगे हाथों गिरफ्तार.. कांड ऐसा कि सुनकर होश उड़ जाएं!

मथुरा में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। फ्लोर मिल कारोबारी से कैश क्रेडिट लिमिट (CC Limit) के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप में CBI टीम ने यूको बैंक की सीनियर मैनेजर और एक दलाल को रंगे हाथों पकड़ लिया। सोमवार देर रात दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर टीम अपने साथ ले गई।
करोड़ों की CC Limit में रोके 10 लाख रुपए
हाईवे थाना क्षेत्र के मंडी चौराहे पर स्थित राधारानी फ्लोर मिल के मालिक कृष्ण मुरारी शर्मा ने यूको बैंक, होली गेट शाखा से एक करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट लिमिट स्वीकृत कराई थी। बैंक की सीनियर मैनेजर गरिमा सिंह चौहान (निवासी कानपुर) ने 90 लाख रुपए तो जारी कर दिए, लेकिन शेष 10 लाख रुपए रोक लिए।
जब कारोबारी के बेटे सोनू शर्मा ने राशि जारी करने का आग्रह किया तो मैनेजर ने हाईवे क्षेत्र के गोपाल बाग निवासी दलाल मोहम्मद आरिफ के जरिए चार लाख रुपए रिश्वत की मांग की।
कारोबारी ने CBI में की शिकायत
भ्रष्टाचार से तंग आकर कारोबारी ने गाजियाबाद स्थित CBI कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद CBI ने जाल बिछाते हुए सोमवार शाम करीब 5 बजे पहली किस्त के रूप में दो लाख रुपए देने की योजना बनाई।
जैसे ही दलाल ने मैनेजर के लिए रिश्वत की राशि ली, CBI टीम ने दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया।
रिश्वत की पुष्टि के लिए केमिकल टेस्ट
गिरफ्तारी के बाद CBI अधिकारियों ने दोनों आरोपियों के हाथों को विशेष केमिकल से धुलवाया, जिससे रिश्वत की पुष्टि हो गई। देर रात तक CBI टीम दोनों आरोपितों से पूछताछ और आगे की कार्रवाई में जुटी रही।
स्थानीय पुलिस रही बाहर
कोतवाली प्रभारी देवपाल सिंह पुंडीर ने बताया कि CBI ने स्वतंत्र रूप से कार्रवाई की है। स्थानीय पुलिस से केवल बाहर की सपोर्ट मांगी गई थी।



