बड़ी खबर: सरकारी स्कूल में 11 नाबालिग लड़कियों से यौन उत्पीड़न, प्रिंसिपल की हैवानियत आपको झकझोर देगी!

करनाल (हरियाणा): हरियाणा के करनाल जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल को 11 नाबालिग छात्राओं से यौन शोषण और छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह मामला पूरे इलाके में आक्रोश का कारण बन गया है और अभिभावक व स्थानीय लोग स्कूल प्रबंधन पर भी सवाल उठा रहे हैं।

11 छात्राओं ने लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप

जानकारी के मुताबिक, करनाल के एक सरकारी स्कूल की 11 छात्राओं ने पुलिस को शिकायत दी कि प्रिंसिपल लंबे समय से उनका यौन शोषण और छेड़छाड़ कर रहा था। पीड़िताओं ने हिम्मत जुटाकर पूरी घटना अपने परिवारों और पुलिस के सामने रखी, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की गई।

प्रिंसिपल गिरफ्तार, पुलिस ने दर्ज किया मामला

शिकायत दर्ज होते ही पुलिस हरकत में आई और आरोपी प्रिंसिपल को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि आरोप बेहद गंभीर हैं और पीड़ित छात्राओं के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। इसके आधार पर प्रिंसिपल के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग पर सवाल

यह घटना सामने आने के बाद स्कूल प्रशासन और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। अभिभावकों का आरोप है कि इतनी बड़ी संख्या में छात्राओं के साथ लंबे समय से यौन शोषण जैसी घटनाएं होती रहीं और किसी ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया। लोगों का कहना है कि शिक्षा विभाग को ऐसी घटनाओं पर निगरानी रखने के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए।

पुलिस कर रही है जांच, पीड़िताओं को दी जा रही है सुरक्षा

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की जांच तेजी से की जा रही है। पीड़ित छात्राओं और उनके परिवारों को सुरक्षा मुहैया कराई गई है ताकि उन पर किसी तरह का दबाव न बनाया जा सके। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस मामले में और भी पीड़ित हैं जिनकी शिकायत अभी सामने नहीं आई है।

स्थानीय लोगों में गुस्सा, कड़ी कार्रवाई की मांग

इस शर्मनाक घटना से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोग सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हो सकें। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल जैसे सुरक्षित माने जाने वाले स्थान पर अगर छात्राएं सुरक्षित नहीं हैं, तो यह पूरे समाज के लिए चिंताजनक स्थिति है।

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