Video: यूपी में विधायक-डॉक्टर भिड़े! MLA ने दिया आदेश.. तो डॉक्टर ने कहा – तुम जैसे विधायक कितने आए और गए”

गाजीपुर जिले के जखनिया स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में शुक्रवार को विधायक बेदी राम और सीएचसी अधीक्षक डॉ. योगेंद्र यादव के बीच विवादित बहस देखने को मिली। विधायक के औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कर्मचारियों की अनुपस्थिति और व्यवस्थाओं पर सवाल उठने के बाद मामला तूल पकड़ गया। डॉ. यादव ने नाराजगी व्यक्त करते हुए इस्तीफा देने की धमकी दी और कहा, “आप जैसे कई लोग आए और चले गए।” इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिसने अस्पताल की कार्यशैली और प्रशासनिक दबाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विधायक का अचानक निरीक्षण और कर्मचारियों की अनुपस्थिति

सुबह करीब 11 बजे विधायक बेदी राम अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि कई कर्मचारी अनुपस्थित थे और कुछ कर्मचारियों ने उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर भी नहीं किए थे।

डॉ. योगेंद्र यादव ने इस मामले में स्पष्ट किया कि अस्पताल में कुल 19 नियमित कर्मचारी और 29 संविदा कर्मचारी कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि एएनएम की ड्यूटी तीन शिफ्टों में लगाई जाती है, इसलिए सभी कर्मचारियों के हस्ताक्षर रजिस्टर में नहीं दिख रहे हैं।

विधायक की नाराजगी और डॉक्टर की तीखी प्रतिक्रिया

विधायक ने डॉ. यादव से कर्मचारियों को निर्देश देने को कहा कि वे उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर करने के बाद ही काम शुरू करें।

इस पर डॉ. यादव ने विधायक पर दबाव बनाने का आरोप लगाया और कहा कि वह सरकार के निर्देशानुसार काम कर रहे हैं। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा, “यदि नाजायज दबाव बनाया गया तो मैं इस्तीफा दे दूंगा।” डॉ. यादव ने इस्तीफा देने की धमकी दी और कहा, “आपके जैसे विधायक आए और गए”।

मरीजों की सुविधाओं पर उठे सवाल

विधायक ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से दवा, भोजन और नाश्ते की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली।

मरीजों ने बताया कि उन्हें अस्पताल से भोजन या नाश्ता नहीं मिलता और उन्हें बाहर से मंगवाना पड़ता है। इस पर विधायक ने नाराजगी व्यक्त की और अस्पताल प्रशासन से व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। वीडियो में विधायक और डॉक्टर के बीच हुई तीखी बहस साफ देखी जा सकती है।

सोशल मीडिया पर वीडियो ने सरकारी अस्पतालों में कर्मचारियों की उपस्थिति, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और प्रशासनिक दबाव के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर गंभीर चर्चा शुरू कर दी है।

स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक संतुलन की चुनौती

यह घटना सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में कर्मचारियों की अनुपस्थिति और व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करती है। साथ ही यह भी दर्शाती है कि प्रशासनिक दबाव और कर्मचारियों की स्वायत्तता के बीच संतुलन बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है।

गाजीपुर प्रशासन को जल्द ही इस विवाद का समाधान करना होगा ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें और सरकारी कर्मचारियों में मनोबल बना रहे।

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