“ईरान आत्मसमर्पण के करीब?” ट्रंप का बड़ा दावा, मगर मिसाइलों से ईरान का पलटवार जारी

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा दावा, कहा- ईरान आत्मसमर्पण के करीब। ईरान ने पलटवार करते हुए इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमले का दावा किया। युद्ध का 13वां दिन, दोनों पक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं।

Iran crisis: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है। एक्सियोस की एक रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने जी7 देशों के नेताओं के साथ हुई एक कॉल में कहा कि ईरान अब आत्मसमर्पण के करीब है। रिपोर्ट में कॉल में शामिल तीन जी7 देशों के अधिकारियों का हवाला दिया गया है। यह बातचीत उस समय हुई जब ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ लड़ाई जारी रखने और बदला लेने की अपील की थी।

ट्रंप बोले- अमेरिका युद्ध जीत रहा है

रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप निजी तौर पर भी युद्ध के नतीजे को लेकर उतने ही आश्वस्त हैं, जितना वे सार्वजनिक मंचों पर दिखाई देते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका ईरान के इस्लामी शासन के खिलाफ अपने अभियान में पूरी ताकत लगा रहा है। ट्रंप ने यह भी कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स चाहे जो भी दावा करें, लेकिन अमेरिका इस युद्ध में बढ़त बना चुका है और जीत की ओर बढ़ रहा है।

Iran crisis: ट्रुथ सोशल पर किया बड़ा दावा

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर भी एक पोस्ट कर ईरान के खिलाफ चल रही कार्रवाई को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने लिखा कि अमेरिका ईरान के “आतंकी शासन” को सैन्य, आर्थिक और अन्य तरीकों से पूरी तरह कमजोर कर रहा है। ट्रंप के मुताबिक ईरान की नौसेना और वायुसेना लगभग खत्म हो चुकी है और उसकी मिसाइल व ड्रोन क्षमता को भी लगातार निशाना बनाया जा रहा है।

Iran crisis: ईरान का पलटवार, ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस-4 शुरू

वहीं दूसरी ओर ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस-4’ के 44वें चरण की शुरुआत कर दी है। ईरान के मुताबिक इस अभियान के तहत इजरायल के कई सैन्य ठिकानों और पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया है। IRGC का कहना है कि एक टन वजनी वारहेड ले जाने वाली खैबर शेकान मिसाइलों से तेल अवीव, इलात और अन्य रणनीतिक इलाकों पर हमला किया गया।

आखिरी सांस तक लड़ने की चेतावनी

ईरान के खातम अल-अनबिया मुख्यालय के कमांडर मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने कहा कि ईरानी सशस्त्र बल अपने दुश्मनों के खिलाफ आखिरी सांस तक लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि दुश्मनों को उनके हमलों की कीमत चुकानी पड़ेगी।

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका की चिंता

Iran crisis: इस बीच सीएनएन की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रंप प्रशासन ने शुरुआत में इस संभावना को कम आंका था कि ईरान जवाबी कार्रवाई में रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की कोशिश कर सकता है। हालांकि अमेरिकी सेना के पास इस तरह की स्थिति से निपटने के लिए पहले से आपातकालीन योजनाएं मौजूद थीं। रिपोर्ट के मुताबिक ऑपरेशन शुरू होने से पहले हुई कुछ बैठकों में ऊर्जा विभाग और वित्त विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे, लेकिन लंबे युद्ध की स्थिति में होने वाले खर्च और एजेंसियों के बीच समन्वय पर ज्यादा चर्चा नहीं हुई। अब यह संघर्ष 13वें दिन में पहुंच चुका है और फिलहाल दोनों पक्ष पीछे हटने के कोई संकेत नहीं दे रहे हैं।

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