ट्रंप द्वारा ग्रीनलैण्ड पर टैरिफ धमकी वापस लेने से निवेशकों को राहत

ट्रंप के टैरिफ बयान से पीछे हटने पर एशियाई बाजारों में राहत जापान के Nikkei और दक्षिण कोरिया के Kospi में जोरदार तेजी वैश्विक व्यापार तनाव घटने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा

Doald trump: एशियाई शेयर बाजारों में मजबूत तेजी देखने को मिली। इसका प्रमुख कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैण्ड से जुड़े टैरिफ लगाने की धमकी को वापस लेना रहा। इस फैसले से वैश्विक व्यापार तनाव कम होने की उम्मीद जगी, जिसका सीधा असर एशियाई इक्विटी बाजारों पर पड़ा। जापान का Nikkei और दक्षिण कोरिया का Kospi इंडेक्स प्रमुख रूप से लाभ में रहे।

किन बाजारों में दिखी सबसे ज्यादा तेजी?

जापान: Nikkei इंडेक्स में मजबूती, जापान का Nikkei इंडेक्स शुरुआती कारोबार से ही हरे निशान में रहा। ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी शेयरों में खरीदारी बढ़ी। निवेशकों ने माना कि अमेरिका द्वारा टैरिफ कदम पीछे हटाने से निर्यात आधारित कंपनियों को राहत मिलेगी। दक्षिण कोरिया: Kospi में उछाल, दक्षिण कोरिया के Kospi इंडेक्स में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई। सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों के शेयरों में तेजी रही। विदेशी निवेशकों की वापसी ने बाजार को सहारा दिया। अन्य एशियाई बाजार चीन और हांगकांग के बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। सिंगापुर और ताइवान के सूचकांकों में सीमित लेकिन स्थिर बढ़त रही।

Doald trump: निवेशकों की सोच

निवेशकों की मानसिकता में बदलाव, रिस्क लेने की प्रवृत्ति बढ़ी: टैरिफ का खतरा टलते ही निवेशक फिर से शेयर बाजार की ओर लौटे। वैश्विक स्थिरता की उम्मीद: अमेरिका के नरम रुख से संकेत मिला कि फिलहाल व्यापार मोर्चे पर टकराव नहीं बढ़ेगा। एशिया को फायदा: एशियाई अर्थव्यवस्थाएं अमेरिका-यूरोप व्यापार फैसलों से सीधे प्रभावित होती हैं, इसलिए राहत का असर यहां ज्यादा दिखा।

विशेषज्ञों की राय

Doald trump: विश्लेषकों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में अमेरिका की तरफ से और कोई सख्त टैरिफ घोषणा नहीं होती, तो एशियाई बाजारों में यह तेजी कुछ समय तक बनी रह सकती है। हालांकि, निवेशकों को अभी भी अमेरिकी नीतियों और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाओं पर नजर बनाए रखने की जरूरत है।

 

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