बड़ी खबर: BJP राज्य अध्यक्ष के भाई पर रेप की FIR, गए जेल.. महिला ने बताई दरिंदगी की कहानी, उड़ जाएंगे होश!

हिमाचल प्रदेश के सोलन ज़िले से एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल के बड़े भाई रामकुमार बिंदल को पुलिस ने दुष्कर्म (Rape) के आरोप में गिरफ्तार किया है। 78 वर्षीय रामकुमार बिंदल पर एक महिला ने इलाज के बहाने यौन शोषण का आरोप लगाया है। इस घटना के बाद प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया है, जबकि बीजेपी ने इस पूरे मामले को “राजनीतिक रूप से प्रेरित” बताया है।
इलाज के बहाने महिला से दुष्कर्म का आरोप
पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि वह लंबे समय से एक बीमारी से पीड़ित थी और मंगलवार को सोलन के पुराने बस स्टैंड के पास स्थित वैद्यशाला में आयुर्वेदिक इलाज के लिए गई थी।
वहां आरोपी रामकुमार बिंदल, जो स्वयं को वैद्य बताते हैं, ने पहले उसकी बीमारी के बारे में पूछा और कुछ पुस्तकें दिखाईं। फिर अचानक उन्होंने बिना सहमति के महिला को छूना शुरू कर दिया और जब उसने विरोध किया, तो उसके साथ जबर्दस्ती की गई।
महिला ने किसी तरह खुद को छुड़ाया और घर पहुंचकर अगले दिन 8 अक्टूबर को महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने किया गिरफ्तार, जांच जारी
शिकायत दर्ज होते ही सोलन पुलिस ने रेप और यौन शोषण से संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली और आरोपी को सोलन से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बताया कि मौके से फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए गए हैं और पूरे केस की जांच वैज्ञानिक तरीके से की जा रही है।
आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
बीजेपी ने दी सफाई, कहा — “राजनीतिक प्रेरित मामला”
हिमाचल प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी करण नंदा ने बयान जारी करते हुए कहा कि यह केस पूरी तरह से राजनीतिक साजिश का हिस्सा प्रतीत होता है।
उन्होंने कहा कि 78 वर्षीय रामकुमार बिंदल एक सम्मानित सामाजिक व्यक्ति हैं और उनके खिलाफ दर्ज मामला वास्तविकता से परे हो सकता है।
बीजेपी ने पुलिस से इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि सच सामने आ सके।
बिंदल परिवार पर बढ़ा राजनीतिक दबाव
राजीव बिंदल, जो हिमाचल भाजपा के अध्यक्ष हैं, पहले से ही विपक्ष के निशाने पर हैं। अब उनके बड़े भाई की गिरफ्तारी से राजनीतिक दबाव और बढ़ गया है।
विपक्षी दल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस पर बीजेपी से जवाब मांगा है कि “क्या पार्टी अपने नेताओं पर कार्रवाई करेगी या बचाव की राजनीति खेलेगी?”
समाज में बढ़ी नाराजगी, निष्पक्ष जांच की मांग
स्थानीय संगठनों और महिला आयोग से जुड़े लोगों ने कहा है कि इस मामले में कानून के तहत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
लोगों का कहना है कि चाहे आरोपी कोई भी हो, अगर महिला के साथ अत्याचार हुआ है तो उसे न्याय मिलना चाहिए।



