बड़ी खबर: पुलिसवालों ने DSP के साले को उतारा मौत के घाट, बीच सड़क लाठियों पर लाठियां, घटना का वीडियो वायरल!

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ पुलिस की कथित पिटाई से एक 22 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र की मौत हो गई। मृतक की पहचान उदित गैकि (Udit Gaiki) के रूप में हुई है, जो TIT कॉलेज का छात्र था। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
देर रात पार्टी के बाद हुई वारदात
यह घटना इंद्रपुरी इलाके की है, जहाँ उदित अपने दो दोस्तों के साथ देर रात पार्टी के बाद लौट रहा था। बताया जा रहा है कि रास्ते में पुलिस ने उन्हें रोक लिया और पूछताछ के दौरान विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि दो पुलिसकर्मियों — संतोष बामनिया और सौरभ आर्य — ने उदित को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने छात्र को लाठियों और डंडों से इतना पीटा कि वह मौके पर ही बेहोश हो गया। दोस्तों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
Bhopal : 22 year old B. Tech student Udit was brutally thrashed by police just for partying with friends in their car. He later succumbed to injuries. A young life lost due to insensitivity of these cops who are now suspended. pic.twitter.com/dlrmgUmptU
— farhanayyubi@yahoomail.com (@farhanayyubid) October 10, 2025
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक पुलिसकर्मी छात्र को ज़मीन पर गिराकर खींच रहा है, जबकि दूसरा लगातार डंडे से वार कर रहा है।
लोगों ने इस वीडियो को देखकर पुलिस की बर्बरता पर गुस्सा जाहिर किया और न्याय की मांग की है। कई यूज़र्स ने इसे “पुलिस ब्रूटैलिटी (Police Brutality)” बताते हुए सोशल मीडिया पर ट्रेंड शुरू कर दिया है।
दो पुलिसकर्मी सस्पेंड, जांच के आदेश
घटना सामने आने के बाद भोपाल पुलिस प्रशासन ने दोनों आरोपी कॉन्स्टेबल्स को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। डीसीपी ज़ोन-2 विवेक सिंह ने कहा कि मामले की मैजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा, “अगर जांच में पुलिसकर्मियों की गलती साबित होती है, तो सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
परिवार का दर्द और रिश्तों का खुलासा
उदित भोपाल का ही रहने वाला था। उसके पिता नगर निगम में कार्यरत हैं और बहनोई मध्य प्रदेश पुलिस में डीएसपी (DSP) हैं। परिवार ने आरोप लगाया कि उदित को बिना वजह मारा गया और उसे अस्पताल पहुंचाने में भी देरी हुई।
परिजनों का कहना है कि अगर समय पर उसे इलाज मिल जाता, तो उसकी जान बच सकती थी। परिवार ने मुख्यमंत्री से न्याय की मांग की है।
रिश्वत और धौंस का आरोप
स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने उदित से पहले ₹10,000 की रिश्वत मांगने की कोशिश की थी। जब छात्र ने देने से इनकार किया, तो पुलिसकर्मी भड़क गए और पिटाई शुरू कर दी।
इस पहलू की भी जांच की जा रही है कि क्या यह पूरा विवाद रिश्वतखोरी से जुड़ा था या फिर यह किसी गलतफहमी की वजह से हुआ।
छात्र की मौत ने पुलिस पर भरोसे को झकझोरा
उदित गैकि की मौत ने एक बार फिर सवाल उठाया है कि क्या मध्य प्रदेश पुलिस अपनी ताकत का दुरुपयोग कर रही है?
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने कहा है कि “पुलिस सुधार” और “उत्तरदायित्व” की बातें केवल कागजों में हैं, जबकि जमीनी स्तर पर अभी भी अत्याचार और डर का माहौल बना हुआ है।



