एपस्टीन से मुलाकात पर घिरे हरदीप पुरी, ‘आप’ ने मांगा इस्तीफा और जांच
प्रतिनिधिमंडल के साथ मुलाकात का दावा बताया झूठा अमेरिकी दस्तावेजों के आधार पर लगाए गंभीर आरोप मंत्री पद से हटाने और स्वतंत्र जांच की मांग तेज

आम आदमी पार्टी ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उन्होंने जेफरी एपस्टीन से प्रतिनिधिमंडल के साथ नहीं, बल्कि व्यक्तिगत रूप से कई बार मुलाकात की। “आप” के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने प्रेस वार्ता में कहा कि हरदीप पुरी ने मुलाकात को लेकर पूरा सच नहीं बताया और उनका प्रतिनिधिमंडल वाला दावा झूठा है। पार्टी ने सवाल उठाया कि क्या इन मुलाकातों का संबंध किसी लॉबिंग या राजनीतिक लाभ से था और क्या इसी के आधार पर उन्हें मंत्री पद मिला।
प्रतिनिधिमंडल का दावा बताया झूठा
अनुराग ढांडा ने कहा कि हरदीप पुरी ने सार्वजनिक रूप से यह कहा था कि वह केवल प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में एपस्टीन से मिले थे और कभी अकेले मुलाकात नहीं हुई। लेकिन अमेरिकी न्याय प्रणाली द्वारा जारी दस्तावेजों के आधार पर “आप” का दावा है कि कई बैठकों में पुरी व्यक्तिगत रूप से मौजूद थे। पार्टी का कहना है कि इन मुलाकातों में समय, स्थान और बातचीत का तरीका पूरी तरह निजी था।
2014 से शुरू हुई मुलाकातों का सिलसिला
ढांडा के अनुसार, अक्टूबर 2014 में हरदीप पुरी की पहली बैठक एपस्टीन से हुई, जब वह भाजपा के वरिष्ठ नेता के रूप में सक्रिय थे। दस्तावेजों में कथित तौर पर एपस्टीन द्वारा उनकी सलाह की उपयोगिता पर चर्चा का उल्लेख है। इसके बाद 10 अक्टूबर 2014 को व्यक्तिगत बैठक तय होने का भी दावा किया गया। “आप” का कहना है कि यह सिलसिला 2015, 2016 और 2017 तक जारी रहा।
घर पर अनौपचारिक बैठकों का आरोप
पार्टी ने आरोप लगाया कि कई ईमेल संवादों में एपस्टीन के घर पर मिलने का समय तय किया गया। अनुराग ढांडा ने कहा कि जिस तरह से समय बदला गया और हर बार पुरी ने सहमति दी, उससे दोनों के बीच करीबी संबंधों का संकेत मिलता है। मार्च और दिसंबर 2015 में कॉफी पर मिलने की बातचीत का भी जिक्र किया गया।
मंत्री बनने से पहले लगातार संपर्क
“आप” का दावा है कि 2017 में मंत्री बनने से ठीक पहले तक हरदीप पुरी की एपस्टीन से मुलाकातें होती रहीं। पार्टी ने सवाल उठाया कि क्या इन बैठकों का संबंध किसी व्यापारिक या राजनीतिक समझौते से था। ढांडा ने कहा कि यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि ये मुलाकातें निजी थीं या सरकार की ओर से लॉबिंग के तहत।
जांच और इस्तीफे की मांग
आम आदमी पार्टी ने मांग की है कि हरदीप पुरी को तुरंत प्रभाव से पद से हटाया जाए और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराई जाए। पार्टी ने केंद्र सरकार से यह भी पूछा कि क्या प्रधानमंत्री कार्यालय या प्रधानमंत्री स्तर पर भी एपस्टीन से किसी प्रकार की बातचीत हुई है। ढांडा ने कहा कि जब तक जांच पूरी न हो, हरदीप पुरी को मंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।



