UP Police की करतूत: अचानक घर में घुसे 3 नशेड़ी दरोगा, महिलाओं-लड़कियों से बदतमीजी, फिर की हद्द पार

गाजियाबाद के मोदीनगर इलाके में सोमवार देर रात पुलिस की दबिश के दौरान महिलाओं से बदसलूकी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि शराब के नशे में धुत तीन दरोगा एक घर में घुसे और महिलाओं से हाथापाई की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें महिलाएं चिल्लाती हुई और पुलिसकर्मियों से खींचतान करती दिख रही हैं।
आधी रात घर में घुसी पुलिस, महिलाओं ने लगाया बदतमीजी का आरोप
मोदीनगर के गदाना गांव की पीड़ित महिलाओं ने बताया कि रात करीब साढ़े 12 बजे तीन पुलिसकर्मी घर में जबरन घुसे। उस समय घर में कोई पुरुष सदस्य मौजूद नहीं था। महिलाएं चिल्लाईं तो आसपास के पड़ोसी पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें भी धक्के देकर हटा दिया। एक युवती ने आरोप लगाया कि पुलिसवाले शराब के नशे में थे और आते ही पूछने लगे कि “तुम्हारे पापा कहां हैं।”
महिला सभासद से विवाद के बाद दर्ज हुआ केस
घटना की जड़ में एक विवाद है। दरअसल, गांव में एक मकान का निर्माण हो रहा था। मजदूर लिंटर खोलकर बल्ली सड़क पर फेंक रहे थे। उसी दौरान एक महिला सभासद बाइक से वहां से गुजर रही थीं। बल्ली उनकी बाइक से टकरा गया, जिसके बाद उनका विवाद मकान के कब्जेदारों से हो गया। सभासद ने धमकी दी और बाद में अपने परिचित के जरिए थाने में केस दर्ज करवा दिया।
पुलिस का दावा- मारपीट केस में दबिश
एसएचओ मोदीनगर नरेश शर्मा ने कहा कि पुलिस मारपीट के एक मुकदमे में दबिश देने गई थी और इसी दौरान परिवार की महिलाओं ने विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाएं पुलिसकर्मियों से अभद्रता कर रही थीं। पुलिस का कहना है कि दो आरोपियों को गिरफ्तार कर थाने लाया गया है।
सवालों के घेरे में पुलिस: महिला सिपाही क्यों नहीं थीं साथ?
आधी रात दबिश देने और बिना महिला पुलिसकर्मी के घर में घुसने पर सवाल उठ रहे हैं। परिवार का कहना है कि मामूली विवाद के लिए तीन-तीन दरोगाओं का आना और महिलाओं से हाथापाई करना निंदनीय है। SHO पहले मामले को दबाने की कोशिश करते दिखे, लेकिन जब वीडियो वायरल हुआ तो उन्होंने बयान बदल दिया।
जांच के आदेश, दोषियों पर होगी कार्रवाई
एडिशनल पुलिस कमिश्नर आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि 22 अगस्त को दर्ज मारपीट की एफआईआर में आरोपियों की तलाश के लिए दबिश दी गई थी। अब वायरल वीडियो और महिलाओं के आरोपों को भी जांच में शामिल किया गया है। एसीपी मोदीनगर अमित सक्सेना को मामले की जांच सौंपी गई है और जांच में दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
👉 इस घटना ने गाजियाबाद पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आधी रात बिना महिला पुलिस के दबिश, शराब के नशे में दरोगाओं का आना और महिलाओं से हाथापाई का आरोप अब कानून-व्यवस्था पर भी सवालिया निशान लगा रहा है।



