बड़ी खबर: किन्नरों का तिहाड़ जेल में सांसद पर जानलेवा हमला, जमकर पीटा.. वजह सुन उड़ जाएंगे होश!

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर से सांसद और अवामी इत्तेहाद पार्टी के नेता इंजीनियर रशीद पर तिहाड़ जेल में हमला होने की खबर सामने आई है। कहा जा रहा है कि जेल में बंद किन्नर बंदियों ने उनसे विवाद के बाद हमला कर दिया। यह घटना न केवल जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर रही है, बल्कि बंदियों के साथ भेदभाव और जानबूझकर उन्हें खतरे में डालने जैसे आरोप भी सामने आ रहे हैं। रशीद के परिवार ने केंद्र सरकार से उनकी सुरक्षा की अपील की है। आइए विस्तार से जानते हैं इस घटना के हर पहलू को।
घटना का पूरा विवरण: किन्नर बंदियों ने हमला किया
पुलिस सूत्रों के अनुसार यह घटना तिहाड़ जेल के जेल नंबर 3 में हुई। रशीद वहीं तीन किन्नर बंदियों के साथ बंद हैं। बताया गया है कि लगभग एक सप्ताह पहले रशीद और किन्नर बंदियों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद उन्होंने रशीद पर हमला कर दिया।
हमले के समय रशीद अनुष्ठान स्थल के पास एक गेट के नीचे दबने से बाल-बाल बच गए। जेल प्रशासन ने इस घटना को मामूली झगड़े के तौर पर बताया है और इसे जानलेवा साजिश मानने से इनकार किया है। वहीं घटना का वीडियो या सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक नहीं हुआ है, लेकिन पुलिस जांच जारी है।
कलंकित करने की साजिश का आरोप: जानबूझकर साथ रखा गया?
इंजीनियर रशीद की पार्टी अवामी इत्तेहाद पार्टी (AIP) ने आरोप लगाया है कि यह हमला सुनियोजित था। पार्टी के मुताबिक कश्मीरी बंदियों को जानबूझकर किन्नर बंदियों के साथ रखा गया ताकि उन्हें उकसाकर हमला कराया जाए।
AIP ने आरोप लगाया कि किन्नर बंदियों को HIV पॉजिटिव बताकर कश्मीरी बंदियों के साथ रखा गया, जिससे उनकी सेहत और सुरक्षा को खतरा हो। पार्टी ने कहा कि यह सिर्फ झगड़ा नहीं बल्कि “साजिश” है और इसकी उच्चस्तरीय जांच की जानी चाहिए।
परिवार की प्रतिक्रिया: पीएम और गृह मंत्री से सुरक्षा की अपील
हमले के बाद इंजीनियर रशीद के बेटे अब्दुल राशिद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल उनके परिवार बल्कि जेल में बंद अन्य कश्मीरी बंदियों के लिए भी चिंता का विषय है।
अब्दुल राशिद ने कहा, “हम चाहते हैं कि केंद्र सरकार रशीद की सुरक्षा सुनिश्चित करे। जेल में उन्हें खतरे में डाला जा रहा है, जिससे किसी भी तरह की अप्रिय घटना हो सकती है।”
प्रशासन का पक्ष: मामूली झगड़ा, जांच जारी
तिहाड़ जेल प्रशासन ने घटना को लेकर कहा है कि यह “सामान्य विवाद” था और इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश नहीं किया जाना चाहिए। पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह साफ हुआ है कि विवाद एक झगड़े में बदल गया, लेकिन कोई गंभीर चोट नहीं आई।
हालांकि, घटना ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जेल में बंद किन्नर बंदियों और अन्य बंदियों को साथ रखने के पीछे क्या कारण है।
घटना से जुड़े बड़े सवाल
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क्या कश्मीरी बंदियों के साथ जानबूझकर भेदभाव किया जा रहा है?
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क्या जेल प्रशासन ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी की?
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क्या यह हमला सिर्फ झगड़ा था या सुनियोजित साजिश?
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क्या जेल में बंद अन्य बंदियों की भी सुरक्षा खतरे में है?
ये सवाल अब प्रशासन और सरकार के लिए गंभीर चुनौती बन गए हैं।



