बड़ी खबर: पहले राष्ट्रपति ने किया सम्मानित, अब उसी के घर ED की ताबड़तोड़ छापेमारी, चौंकाने वाला है मामला

मुजफ्फरपुर जिले में मंगलवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चर्चित मुखिया बाबिता देवी के घर छापेमारी की। बाबिता देवी को राष्ट्रपति से सम्मानित होने के कारण क्षेत्र में पहचान मिली है, लेकिन इस बार उनके घर पर की गई कार्रवाई शराब तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले के तहत हो रही है। ED की टीम ने बाबिता देवी के घर और उनसे जुड़े ठिकानों पर कई घंटे तलाशी ली।

कौन हैं बाबिता देवी और क्यों मिली थी पहचान

बाबिता देवी मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज प्रखंड की एक पंचायत की मुखिया हैं। ग्रामीण विकास और पंचायत स्तर पर महिला सशक्तिकरण में योगदान के लिए उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार मिला था। यह सम्मान उन्हें पंचायत में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और स्वच्छता अभियान में योगदान के लिए दिया गया था। सम्मान मिलने के बाद वे इलाके में एक प्रेरक महिला प्रतिनिधि के तौर पर जानी जाती थीं।

शराब तस्करी से जुड़ा मामला, ED ने क्यों की छापेमारी

सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई बिहार में लागू शराबबंदी कानून के उल्लंघन और शराब तस्करी से जुड़ी अवैध कमाई को लेकर दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग केस के तहत हो रही है। जांच एजेंसी को शक है कि शराब तस्करी से हुई कमाई को वैध कारोबार और संपत्ति में निवेश किया गया। इसी संदर्भ में बाबिता देवी और उनके परिवार के ठिकानों पर रेड डाली गई।

पति और उनके भाई पर पहले से दर्ज हैं शराब तस्करी के मुकदमे

जांच में यह भी सामने आया है कि बाबिता देवी के पति और उनके भाई पर पहले से ही कई शराब तस्करी के मामले दर्ज हैं। इन मामलों में पुलिस ने केस फाइल किए थे और अब ED उन्हीं मामलों के आर्थिक पहलुओं की जांच कर रही है। बाबिता देवी के घर पर रेड के दौरान कुछ दस्तावेज़, बैंक पासबुक, जमीन के कागज़ और डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच जारी है।

कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चा तेज

इस रेड के बाद से इलाके में बाबिता देवी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। एक ओर लोग कह रहे हैं कि सम्मानित प्रतिनिधियों को कानून के दायरे में आना चाहिए, वहीं दूसरी ओर कुछ ग्रामीण इसे राजनीतिक रंजिश भी बता रहे हैं। फिलहाल ED ने आधिकारिक तौर पर जब्ती और बरामदगी की पूरी डिटेल साझा नहीं की है।

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