SIR विवाद में BJP का चौंकाने वाला दावा – भारतीय नागरिक बनने से पहले ही वोटर बनीं ‘सोनिया गांधी’

नई दिल्ली — कांग्रेस नेता सोनिया गांधी पर भाजपा ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि वे भारत की नागरिक बनने से पहले ही देश की मतदाता बन गई थीं। यह दावा राहुल गांधी के हालिया ‘SIR’ विवाद के बीच किया गया है, जिससे कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक तनातनी और तेज हो गई है। भाजपा के अनुसार, चुनावी सूची में सोनिया गांधी का नाम दो बार दर्ज था, वह भी उस समय जब उन्होंने भारतीय नागरिकता प्राप्त नहीं की थी।
राहुल गांधी के ‘SIR’ विवाद के बीच BJP का हमला
राहुल गांधी के एक बयान पर भाजपा पहले से ही निशाना साध रही है। इस विवाद के बीच भाजपा ने सोनिया गांधी के खिलाफ यह नया आरोप सामने रखकर कांग्रेस को घेरने की कोशिश की है। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह मामला न केवल राजनीतिक बल्कि संवैधानिक दृष्टि से भी गंभीर है, क्योंकि बिना नागरिकता के वोटर सूची में नाम जुड़ना कानून का उल्लंघन है।
भाजपा का दावा: वोटर लिस्ट में दो बार नाम दर्ज
भाजपा प्रवक्ताओं ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सोनिया गांधी का नाम एक ही समय में दो अलग-अलग वोटर लिस्ट में शामिल था। उनके मुताबिक, यह घटना उन दिनों की है जब सोनिया गांधी ने भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन नहीं किया था। पहली बार 1980 में एक इतालवी महिला के रूप में, फिर 1983 में भारतीय नागरिक बनने से कुछ महीने पहले। भाजपा का आरोप है कि यह केवल चुनावी गड़बड़ी नहीं बल्कि चुनाव प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही का उदाहरण है।
BJP ने दिखाए पुराने दस्तावेज़
BJP नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 1980 के दशक की पुरानी मतदाता सूची के दस्तावेज़ दिखाए। उनका कहना है कि इन दस्तावेज़ों में सोनिया गांधी का नाम दो बार दर्ज है—और यह समय उनकी भारतीय नागरिकता मिलने से पहले का है। पार्टी का आरोप है कि यह गंभीर चुनावी नियमों का उल्लंघन है।
Sonia Gandhi’s tryst with India’s voters’ list is riddled with glaring violations of electoral law. This perhaps explains Rahul Gandhi’s fondness for regularising ineligible and illegal voters, and his opposition to the Special Intensive Revision (SIR).
Her name first appeared… pic.twitter.com/upl1LM8Xhl
— Amit Malviya (@amitmalviya) August 13, 2025
कांग्रेस की संभावित सफाई
हालांकि इस आरोप पर कांग्रेस की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पार्टी सूत्रों का मानना है कि भाजपा के आरोप बेबुनियाद हैं और यह केवल राजनीतिक ध्यान भटकाने की कोशिश है। कांग्रेस के समर्थक इसे भाजपा की चुनावी रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं, जिसमें गांधी परिवार को लगातार निशाने पर रखा जाता है।
राजनीतिक तापमान और बढ़ा
यह आरोप ऐसे समय सामने आया है जब ‘SIR’ मुद्दे से पहले ही राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। भाजपा इस मुद्दे को चुनावी रैलियों और मीडिया ब्रीफिंग्स में उठा सकती है, जबकि कांग्रेस इसके बचाव में उतरकर भाजपा पर पलटवार करेगी। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह विवाद चुनावी विमर्श को और तीखा बना सकता है।



