दुद्धी विधायक विजय सिंह गोंड का निधन, आदिवासी राजनीति को अपूरणीय क्षति

दुद्धी विधायक विजय सिंह गोंड का लखनऊ के एसजीपीजीआई में इलाज के दौरान निधन आदिवासी राजनीति के पितामह कहे जाने वाले गोंड के जाने से शोक की लहर आठ बार विधायक रहे, आदिवासी अधिकारों की लड़ाई में निभाई अहम भूमिका

Up news: समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और दुद्धी विधानसभा सीट से विधायक विजय सिंह गोंड का लखनऊ स्थित एसजीपीजीआई में इलाज के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की पुष्टि विधानसभा अध्यक्ष अवध नारायण यादव ने की है। लंबे समय से बीमार चल रहे विजय सिंह गोंड की दोनों किडनी खराब हो गई थीं, जिसके बाद उन्हें एसजीपीजीआई में भर्ती कराया गया था।

 

आदिवासी राजनीति के पितामह थे विजय सिंह गोंड

विजय सिंह गोंड को दुद्धी विधानसभा क्षेत्र की आदिवासी राजनीति का ‘पितामह’ कहा जाता था। उनके निधन से सोनभद्र जिले समेत आसपास के इलाकों में शोक की लहर दौड़ गई है। वे आदिवासी समाज की आवाज को मजबूती से उठाने वाले प्रदेश के अग्रणी नेताओं में शामिल थे।

 

Up news: अनुसूचित जनजाति सीट के लिए सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी लड़ाई

दुद्धी और ओबरा विधानसभा सीटों को अनुसूचित जनजाति घोषित कराने के लिए विजय सिंह गोंड ने सुप्रीम कोर्ट तक संघर्ष किया। राजनीति में आने से पहले वे वनवासी सेवा आश्रम में मात्र 200 रुपये मासिक मानदेय पर कार्यरत थे। वर्ष 1979 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर पहली बार विधानसभा चुनाव जीतकर राजनीतिक सफर की शुरुआत की।

 

आठ बार बने विधायक, आदिवासी हितों को दिलाई पहचान

Up news: 1989 में अपने राजनीतिक गुरु रामप्यारे पनिका को हराकर उन्होंने आदिवासी राजनीति में नया अध्याय लिखा। अपने लंबे राजनीतिक जीवन में वे विभिन्न दलों से आठ बार विधानसभा सदस्य रहे। सदन के भीतर उन्होंने लगातार आदिवासी समाज के अधिकारों, जमीन और पहचान से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाया। विजय सिंह गोंड के निधन से राजनीतिक, सामाजिक और आदिवासी समुदाय में गहरा शोक है। नेता, कार्यकर्ता और समर्थक उनके निधन को आदिवासी समाज के लिए अपूरणीय क्षति बता रहे हैं।

 

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