ट्रंप की दोटूक- ‘बात करनी है तो खुद फोन करे ईरान’, क्या अब थम जाएगी शांति की आस?

ट्रंप का कड़ा रुख: बातचीत के लिए पाकिस्तान नहीं जाएंगे अमेरिकी दूत, कहा- 'ईरान को जरूरत है तो खुद करे संपर्क'। ईरान की दोटूक शर्त: बंदरगाहों से हटे नाकाबंदी तभी होगी बात, अमेरिका ने चीन की 40 तेल कंपनियों पर लगाया बैन। ग्लोबल संकट की आहट: मिडिल ईस्ट तनाव से जेट फ्यूल की सप्लाई ठप, रद्द हो रही हैं उड़ानें और बढ़ सकता है किराया।


Donald trump: दुनिया की नजरें अमेरिका और ईरान की जिस शांति वार्ता पर टिकी थीं, वो एक बार फिर पटरी से उतर गई है। दूसरे दौर की बातचीत भी पूरी तरह बेनतीजा रही, लेकिन असली धमाका तो डोनाल्ड ट्रंप के एक निर्देश ने कर दिया है। ट्रंप ने अपने दूतों को पाकिस्तान जाने से रोक दिया है, जिससे कूटनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। न्यूज़ नशा की इस खास रिपोर्ट में देखिए आखिर क्यों बिगड़ी बात:

ट्रंप का ‘नो’ – “हम क्यों झुकें?”

डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अमेरिका अब झुककर बातचीत करने के मूड में नहीं है। उन्होंने अपने टॉप वार्ताकारों स्टीव विटकॉफ और जरेड कुश्नर को इस्लामाबाद जाने से मना कर दिया। ट्रंप ने सीधा संदेश दिया है- “ईरान को अगर बात करनी है, तो वो खुद हमसे संपर्क करे।” यानी अब गेंद ईरान के पाले में है और अमेरिका ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति में है।

 Donald trump: ईरान की जिद- “पहले हटे नाकाबंदी”

उधर, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने भी तेवर कड़े कर लिए हैं। पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ से फोन पर बात करते हुए उन्होंने साफ कहा कि जब तक अमेरिका ईरान के बंदरगाहों पर लगी पाबंदियां और ‘ऑपरेशनल बाधाएं’ खत्म नहीं करता, तब तक टेबल पर बैठने का कोई मतलब नहीं है। ईरान का कहना है कि दबाव की राजनीति के बीच बातचीत मुमकिन नहीं है।

 Donald trump: चीन की 40 कंपनियों पर गिरी गाज

ट्रंप सिर्फ बयानों तक नहीं रुके, उन्होंने एक्शन भी शुरू कर दिया है। ईरान की कमर तोड़ने के लिए अमेरिका ने चीन की करीब 40 कंपनियों और तेल टैंकरों पर कड़ा प्रतिबंध लगा दिया है। आरोप है कि ये कंपनियां चोरी-छिपे ईरान का तेल बेचकर उसकी अर्थव्यवस्था को ऑक्सीजन दे रही थीं। इस कदम से ईरान की तेल से होने वाली कमाई पर सीधा हमला हुआ है।

आपकी जेब पर भी पड़ेगा असर!

 Donald trump: मिडिल ईस्ट का ये तनाव सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रहा। इसका असर अब पूरी दुनिया के आसमान पर दिखने लगा है। जेट फ्यूल (विमान के ईंधन) की सप्लाई चैन बुरी तरह प्रभावित हुई है। एयरलाइंस कंपनियां दबाव में हैं, कई उड़ानें रद्द हो रही हैं और आने वाले दिनों में हवाई सफर आपके लिए काफी महंगा हो सकता है।

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