सलवार-सूट में रेस्टुरेंट में ‘No Entry’, केवल छोटी ड्रेस.. हुआ बवाल तो लाइन पर आए, बोले – ‘डिस्काउंट भी देंगे’

दिल्ली के पीतमपुरा स्थित एक रेस्तरां पर पारंपरिक भारतीय परिधान पहनकर आए एक जोड़े को प्रवेश न देने का आरोप सामने आया है। दावा किया जा रहा है कि सूट-सलवार या पैंट-टी-शर्ट पहनने वाले ग्राहकों को रेस्तरां में एंट्री से रोक दिया गया, जबकि वहां छोटे कपड़ों में आए लोगों को अंदर जाने की अनुमति दी गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
वायरल वीडियो में सामने आई आपबीती
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में एक महिला और पुरुष रेस्तरां के बाहर खड़े दिखाई दे रहे हैं। वे बताते हैं कि उन्हें पारंपरिक भारतीय कपड़े पहनने के कारण प्रवेश नहीं दिया गया। उनका आरोप है कि रेस्तरां प्रबंधन ने साफ कह दिया कि ‘‘यहां एथनिक ड्रेस पहनकर आने वालों को अनुमति नहीं है’’ और सिर्फ वेस्टर्न आउटफिट वाले ग्राहकों को एंट्री दी जा रही है।
How can a restaurant in India
stop entry in India
for wearing an Indian wear…Dear @KapilMishra_IND ji,
Please look into the matter.
— MANOGYA LOIWAL मनोज्ञा लोईवाल (@manogyaloiwal) August 8, 2025
मुख्यमंत्री और मंत्री ने लिया संज्ञान
वीडियो सामने आने के बाद दिल्ली सरकार ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया। कानून और संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा ने इस घटना को ‘‘अस्वीकार्य’’ बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि राजधानी में यह बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा कि किसी को पारंपरिक या धार्मिक परिधान पहनने के कारण भेदभाव का सामना करना पड़े। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने संबंधित अधिकारियों को जांच कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
रेस्तरां के खिलाफ बढ़ा आक्रोश
वीडियो में मौजूद व्यक्ति का कहना है कि ऐसे रेस्तरां पर रोक लगनी चाहिए, जहां केवल छोटे कपड़ों में आने वालों को ही अनुमति दी जाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि ‘‘अगर राष्ट्रपति या मुख्यमंत्री यहां आएं और पारंपरिक कपड़े पहने हों, तो क्या उन्हें भी प्रवेश नहीं मिलेगा?’’ इस बयान के बाद घटना पर लोगों की नाराज़गी और तेज हो गई है।
Update : पीतमपुरा के इस रेस्टोरेंट के संचालकों ने स्वीकार कर लिया है कि परिधान आधारित कोई प्रतिबंध अब नहीं लगाएंगे व भारतीय परिधानों में आने वाले नागरिकों का स्वागत करेंगे
रक्षाबंधन पर भारतीय परिधानों में आने वाली बहनों को कुछ डिस्काउंट भी देंगे 🙂@gupta_rekha https://t.co/YFkmOaj8i7 pic.twitter.com/k0qRzyPCot
— Kapil Mishra (@KapilMishra_IND) August 8, 2025
संस्कृति बनाम आधुनिकता पर छिड़ी बहस
यह मामला सिर्फ एक रेस्तरां की ड्रेस कोड पॉलिसी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया पर यह बहस शुरू हो गई है कि आधुनिकता के नाम पर पारंपरिक और सांस्कृतिक पहचान को नकारना कहां तक सही है। कई यूज़र्स ने इसे भारतीय संस्कृति का अपमान बताया, वहीं कुछ लोगों ने ड्रेस कोड को रेस्तरां का निजी नियम मानते हुए समर्थन भी किया।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई के संकेत
दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि राजधानी में सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी तरह का सांस्कृतिक भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद यदि आरोप सही पाए गए, तो रेस्तरां के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।



