मथुरा में बैंक के अंदर से चल रहा था साइबर फ्रॉड का खेल, संविदा कर्मचारी समेत 5 गिरफ्तार

मथुरा में बैंक के अंदर से चल रहा था साइबर फ्रॉड का खेल संविदा कर्मचारी ने बंद जनधन खातों से ठगी का नेटवर्क बनाया पुलिस ने 5 आरोपियों को दबोचा, राजस्थान तक जुड़े मिले तार

Cyber fraud: उत्तर प्रदेश के मथुरा में बैंक खातों के जरिए चल रहे एक बड़े साइबर फ्रॉड का खुलासा हुआ है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र से जुड़े एक संविदा कर्मचारी सहित पांच शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर पूरे ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। हैरानी की बात यह है कि बैंक में चाय-पानी देने वाला यही संविदा कर्मचारी अंदर की जानकारी का फायदा उठाकर साइबर ठगों की मदद कर रहा था। पुलिस ने रविवार को थाना हाईवे क्षेत्र की बैकुंठ विहार कॉलोनी से आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके पास से 6 मोबाइल फोन, 2 सिम कार्ड, 1 बैंक पासबुक, 7 एटीएम कार्ड, 1 क्यूआर कार्ड और 2 चेक बुक बरामद की गई हैं।

बंद पड़े जनधन खातों से करते थे ठगी

जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी नीरज बैंक ऑफ महाराष्ट्र की कृष्णा नगर शाखा में संविदा कर्मचारी था। वह लंबे समय से बंद पड़े जन-धन खातों को निशाना बनाता था। नीरज इन खातों में दर्ज मोबाइल नंबर बदलकर नए एटीएम कार्ड जारी कर देता था और खातों का पूरा एक्सेस अपने साथियों को दे देता था। इसके बाद देशभर में होने वाले साइबर फ्रॉड का पैसा इन खातों में मंगाया जाता था। रकम आने के बाद गिरोह के सदस्य एटीएम के जरिए पैसे निकाल लेते थे। पुलिस के मुताबिक, गिरोह एक बैंक खाता उपलब्ध कराने के बदले करीब 25 हजार रुपये तक कमीशन लेता था। इसी तरह कई खातों के जरिए लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया।

Cyber fraud: राजस्थान तक फैला नेटवर्क

पुलिस जांच में पता चला है कि गिरोह का नेटवर्क मथुरा से बाहर राजस्थान तक फैला हुआ था। इसके तार भरतपुर और जयपुर से जुड़े मिले हैं। गिरफ्तार आरोपियों ने जयपुर निवासी भीमू चौधरी का नाम भी लिया है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। पुलिस ने जिन पांच लोगों को गिरफ्तार किया है उनमें नीरज (संविदा बैंक कर्मचारी), मुकुल सिंह, विक्रांत कुमार, पुष्पेंद्र सिंह उर्फ भूरा और अनिकेत शामिल हैं।

ठगी की रकम का लगाया जा रहा पता

Cyber fraud: साइबर क्राइम थाना मथुरा की टीम ने इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया। टीम में प्रभारी निरीक्षक रफत मजीद, निरीक्षक अमित चौहान और तकनीकी टीम के कई पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी की कुल रकम का पता लगाने में जुटी है। मथुरा में बैंक के अंदर से चल रहे इस साइबर फ्रॉड के खुलासे ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि कई बड़े साइबर अपराधों की जड़ सिस्टम के अंदर ही छिपी होती है।

 

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