ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल के बीच संघर्ष, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ा तनाव

ट्रंप ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुला और सुरक्षित रखने के लिए अमेरिका तैयार है। ईरान के संभावित खतरे के बावजूद अमेरिकी नौसेना और अन्य देशों के जहाज तैनात होंगे। जरूरत पड़ने पर अमेरिका ईरान की तटरेखा पर सख्त कार्रवाई करने से नहीं हिचकेगा।

Iran crisis: ईरान के साथ इजरायल और अमेरिका के बीच जारी युद्ध का आज 15वां दिन है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दुनिया के अन्य देशों से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपने युद्धपोत भेजने का आग्रह किया है। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिकी नौसेना जल्द ही टैंकरों को सुरक्षा प्रदान करना शुरू कर देगी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बताया कि कई देश, विशेषकर वे जो ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के प्रयास से प्रभावित हैं, संयुक्त राज्य अमेरिका के सहयोग से इस जलमार्ग को खुला और सुरक्षित रखने के लिए जहाज भेजेंगे।

Iran crisis: सभी देशों से युद्धपोत भेजने का आग्रह

अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है, लेकिन उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि जलमार्ग में एक-दो ड्रोन भेजना, माइन गिराना या निकट-श्रेणी की मिसाइल दागना ईरान के लिए आसान रहेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और अन्य देश, जो इस कृत्रिम अवरोध से प्रभावित हैं, इस क्षेत्र में जहाज भेजेंगे ताकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज किसी भी खतरे से सुरक्षित रहे।

ट्रंप ने दी चेतावनी

Iran crisis: डोनाल्ड ट्रम्प ने कसम खाई कि संयुक्त राज्य अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के लिए अत्यधिक बल का प्रयोग करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका ईरान की तटरेखा पर बमबारी करेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि तेल मार्ग खुला रहे। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अमेरिका लगातार ईरानी नौकाओं और जहाजों को निगरानी में रखेगा और किसी भी तरह से जल्द ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुला, सुरक्षित और मुक्त कर देगा।

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