Shocking Video: HC जज को भरी अदालत में वकील ने लताड़ा, जो कहा – वो सोंच से भी परे.. घटना कैमरे में कैद!

झारखंड हाईकोर्ट, रांची के कोर्ट नंबर 24 में सोमवार 16 अक्टूबर 2025 को एक अप्रत्याशित घटना सामने आई। सुनवाई के दौरान सीनियर एडवोकेट महेश तिवारी और जस्टिस राजेश कुमार के बीच तीखी बहस हुई, जो न केवल कोर्टरूम में बल्कि सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गई। घटना का वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद हाईकोर्ट ने सुओ मोटू कंटेम्प्ट (अवमानना) कार्यवाही शुरू कर दी है।

‘देश जल रहा है न्यायपालिका से’ — जज से बोले सीनियर एडवोकेट

मामला उस समय बढ़ा जब जस्टिस राजेश कुमार ने एडवोकेट महेश तिवारी की बहस शैली पर आपत्ति जताई। इस पर तिवारी ने कहा,

“मैं अपनी तरह से दलील दूंगा, किसी को वकील को अपमानित करने का हक नहीं है।
देश जल रहा है… न्यायपालिका की वजह से।”
इस बयान के बाद माहौल गंभीर हो गया और कोर्ट की कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित करनी पड़ी।

किस मामले की सुनवाई थी

महेश तिवारी उस समय एक याचिकाकर्ता की ओर से बहस कर रहे थे, जिसका बिजली कनेक्शन काटा गया था। जज द्वारा पूछे गए प्रश्नों पर तिवारी ने तीखी प्रतिक्रिया दी, जिससे बहस ने विवाद का रूप ले लिया।

हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान, अवमानना कार्यवाही शुरू

इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद, झारखंड हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान (suo motu) लेते हुए एडवोकेट के खिलाफ कॉन्टेम्प्ट ऑफ कोर्ट की कार्यवाही शुरू की।
मुख्य न्यायाधीश तारलोक सिंह चौहान की अध्यक्षता में एक पांच-सदस्यीय बेंच गठित की गई है, जो इस मामले की सुनवाई करेगी।

एडवोकेट को नोटिस, तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश

कोर्ट ने एडवोकेट महेश तिवारी को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह के भीतर लिखित जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। इसके बाद अदालत तय करेगी कि अवमानना कार्यवाही को आगे बढ़ाया जाए या नहीं।

न्यायपालिका की गरिमा बनाम वकीलों की असहमति

इस प्रकरण ने देशभर में एक बड़ी बहस को जन्म दिया है — न्यायिक मर्यादा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच संतुलन की। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि वकीलों को अपनी बात दृढ़ता से रखनी चाहिए, लेकिन अदालत की गरिमा बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है।

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