उत्तराखंड के मुख्यमंत्री दे रहे हैं प्रदेश को नया मंत्र , जानिए क्या होगा फ़ायदा…

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आत्मनिर्भर भारत बनाने की कोशिश में अब उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी पुरजोर मेहनत कर रहे हैं। उत्तराखंड में आत्मनिर्भर भारत बनाने की योजना पर जबरदस्त तरीके से काम किया जा रहा है। उत्तराखंड के लोगों को आत्मनिर्भर बनाने को लेकर सरकार हर मुमकिन प्रयास कर रही है।

ऐसे में अब उत्तराखंड में पंचायतों की भूमिका पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा प्रदेश के समस्त त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों के साथ ई संवाद किया जाएगा। यह संवाद 13 जुलाई यानी सोमवार 11:30 बजे शुरू हो जाएगा। बता दें कि इस कार्यक्रम का आयोजन आईसीटी वर्चुअल लैब देहरादून में किया जा रहा है।

यह आत्मनिर्भर भारत बनाने की ओर उत्तराखंड सरकार का एक बड़ा कदम माना जा रहा है। उत्तराखंड सरकार अपनी प्रदेश में आत्मनिर्भर योजना को फैलाना चाहती है जिससे लोग भारत में बने उपकरणों और वस्तुओं का इस्तेमाल कर सकें। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री प्रदेश को एक नया मंत्र दे रहे हैं जिसकी उत्तराखंड के लोगों को बेहद जरूरत है। सिर्फ उत्तराखंड के लोग ही नहीं बल्कि भारत के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है। जिसके लिए उत्तराखंड सरकार का यह कदम बहुत जरूरी और एक बड़ा कदम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाई गई यह योजना देश को विकास की तरफ बढ़ा रही है। इसमें उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भरसक प्रयास कर रहे हैं।


उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के इस बड़े कदम से प्रदेश सहित देश को भी बहुत फायदा होगा। पंचायती स्तर पर केंद्र सरकार द्वारा कई अच्छे कदम उठाए गए हैं। जैसे भारत सरकार द्वारा लागू प्रधानमंत्री की महत्वकांक्षी योजना डिजिटल इंडिया प्रोग्राम जिसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं को उन्नत करके कागजी कामकाज को कम करना तथा आमजन तक सरकारी योजनाओ की जानकारी ऑनलाइन पहुंचाने हेतु ग्राम पंचायत स्तर पर गवर्नेंस को बढ़ावा देते हुए सभी ग्राम पंचायतों को ऐड से जोड़ना है के मकसद को आकार देने के उद्देश्य से उत्तराखंड में पंचायती राज विभाग, उत्तराखंड द्वारा समस्त ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों की बैंक पंचायती राज, मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार उत्तराखंड सरकार द्वारा प्रदेश के सभी त्रिस्तरीय पंचायतों में ई-ग्राम स्वराज पोर्टल को लागू किया गया है।

ई ग्राम स्वराज पोर्टल का शुभारंभ प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रीय पंचायत दिवस के अवसर पर 24 अप्रैल 2020 को किया गया। जिसके तहत सभी त्रिस्तरीय पंचायतों को अपनी कार्य योजना जी.पी.डी.पी पोर्टल पर अपलोड करनी है तथा पंचायत की परिसंपत्तियों को एम एक्शन सॉफ्ट एप्लीकेशन पर जियो टैग किया जाना है। उक्त के क्रम में पंचायती राज विभाग उत्तराखंड द्वारा शत-प्रतिशत ग्राम पंचायतों को ग्राम स्वराज पोर्टल पर पंजीकृत कर दिया गया है। उत्तराखंड की सभी त्रिस्तरीय पंचायतों को लिंक करते हुए सभी संबंधित गतिविधियां इसी पोर्टल के माध्यम से संपादित की जा रही हैं।

पंचायती राज विभाग, उत्तराखंड द्वारा समस्त ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों एवं जिला पंचायतों के बैंक अकाउंट को ग्राम स्वराज पोर्टल के माध्यम से पी एफ एम एस – प्रिआ सॉफ्ट इंटरफ़ेस के साथ जोड़ा गया है।

उत्तराखंड में समस्त त्रिस्तरीय पंचायतों में वित्तीय वर्ष 2020-21 से ऑनलाइन भुगतान अनिवार्य कर दिया गया है, जिस क्रम में तीनों स्तरों की पंचायतों अर्थात जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत एवं ग्राम पंचायतों में संपादित कार्यो का भुगतान ई ग्राम स्वराज पोर्टल पर पी एफ एम एस से डिजिटल माध्यम से किया जा रहा है। इससे जहां एक और राजकीय कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी वहीं पंचायत के निवासी जो पंचायत से बाहर अन्य यंत्र रहते हो अपने मोबाइल अथवा किसी भी इस पोर्टल के माध्यम से पंचायत को केंद्रीय वित्त एवं राज्य वित्त तथा अन्य स्रोतों से प्राप्त धनराशि अदा पंचायत में कराए जा रहे विकास कार्यों की प्रगति के साथ-साथ अन्य जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

इसी डिजिटल इंडिया प्रोग्राम के तहत 15वें वित्त आयोग एवं राज्य वित्त आयोग द्वारा पंचायतों संस्तुत अनु दानों को ऑनलाइन एक सात डिजिटल हस्तांतरण के माध्यम से संबंधित पंचायतों को हस्तांतरित करने की शुरुआत की गई है। जिस क्रम में दिनांक 22 जून 2020 को मुख्यमंत्री द्वारा सभी 7791 ग्राम पंचायतों, 95 क्षेत्र पंचायतों एवं तेरा जिला पंचायतों को 15वें वित्त आयोग की प्रथम किस्त एवं राज्य वित्त आयोग की धनराशि का पी एफ एम एस के माध्यम से एक साथ डिजिटल हस्तांतरण किया गया है।

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