बड़ी खबर: कांग्रेस प्रदेश मासचिव ने भाई को मारी 3 गोलियां, मौत.. अजय राय का करीबी है रिटायर्ड दरोगा ‘दंगल यादव’

उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में गुरुवार शाम बड़ा हत्याकांड हो गया। कांग्रेस के प्रदेश महासचिव और रिटायर्ड दरोगा दंगल यादव (62) ने अपने छोटे भाई वकील कमला यादव (53) की घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से 3 गोलियां चलाईं, जिनमें दो सिर पर और एक सीने पर लगी। वारदात के बाद दंगल यादव मौके से फरार हो गया।
कोर्ट से लौटते ही मौत
ASP अनंत चंद्रशेखर ने बताया कि कमला यादव गुरुवार शाम जिला कोर्ट से घर लौटे थे। जैसे ही बाइक खड़ी करके दरवाजे पर पहुंचे, दंगल यादव पहले से घात लगाए बैठा था। उसने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। परिवार और पड़ोसी उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
जमीन और लोन विवाद था वजह
पुलिस के मुताबिक, दोनों भाइयों के बीच पुश्तैनी जमीन और 6 लाख रुपये के लोन को लेकर विवाद चल रहा था। हाल ही में लोक अदालत में लोन का सेटलमेंट 60 हजार रुपये में हुआ था। चार भाइयों ने 15-15 हजार रुपये जमा किए थे। नो-ड्यूज की रसीद कमला यादव के पास थी। इसी बात को लेकर दंगल यादव नाराज था, क्योंकि वह जमीन बेचना चाहता था लेकिन नो-ड्यूज उसके पास नहीं था।
गुरुवार दोपहर कोर्ट परिसर में भी दोनों भाइयों के बीच झगड़ा हुआ था। लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया, लेकिन शाम को लौटते समय दंगल यादव ने भाई की हत्या कर दी।
पत्नी का आरोप- कई बार शिकायत की पर पुलिस ने एक्शन नहीं लिया
कमला यादव की पत्नी शकुंतला ने कहा कि दोपहर में पति ने फोन पर बताया था कि दंगल यादव से कोर्ट में झगड़ा हुआ है और उसने जान से मारने की धमकी दी है। शाम को वही धमकी पूरी कर दी।
उन्होंने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा –
“मैंने कई बार शिकायत की थी, लेकिन दंगल यादव की राजनीतिक पकड़ और रिटायर्ड दरोगा होने के कारण पुलिस ने कभी कार्रवाई नहीं की। अगर समय रहते एक्शन लिया होता तो आज मेरे पति जिंदा होते।”
परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा
हत्या की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में वकील और ग्रामीण जिला अस्पताल पहुंच गए। गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर समझाया और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
ASP का बयान
ASP अनंत चंद्रशेखर ने बताया –
“कमला यादव को तीन गोलियां लगीं। आरोपी दंगल यादव कांग्रेस का पदाधिकारी और रिटायर्ड दरोगा है। वारदात के बाद मोबाइल बंद कर फरार हो गया है। गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें गठित की गई हैं।”
परिवार और राजनीतिक पृष्ठभूमि
कमला यादव अपने पीछे पत्नी शकुंतला, दो बेटे (अरविंद, विशाल) और तीन बेटियां (अनुराधा, सीमा, मीनू) छोड़ गए हैं। इनमें से केवल मीनू की शादी हुई है, बाकी अविवाहित हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, दंगल यादव ने राजनीति की शुरुआत जनाधिकार पार्टी से की थी, बाद में कांग्रेस में शामिल होकर पिछड़ा प्रकोष्ठ का प्रदेश महासचिव बना। उसे बिहार की हरलाखी विधानसभा का पर्यवेक्षक भी नियुक्त किया गया था।



