बिहार चुनाव में नया मोड़, तेजस्वी ने जीविका दीदियों को नियमित नौकरी और ₹30,000 वेतन देने का किया वादा

बिहार चुनावी माहौल में नीतीश कुमार की महिला रोजगार योजना चर्चा में है। तेजस्वी यादव ने इसे “रिश्वत” बताया और जीविका दीदियों को नियमित करने व ₹30,000 वेतन देने का वादा किया। महिला वोटर इस बार फिर निर्णायक हो सकती हैं।

पटना: बिहार की चुनावी फिज़ा में हलचल तेज हो गई है। पटना से कटिहार तक के राजनीतिक माहौल में अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना चुनावी गेमचेंजर साबित होगी? इसी योजना पर बुधवार को तेजस्वी यादव ने औचक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर निशाना साधा और दो बड़े वादों का ऐलान किया।

तेजस्वी का पलटवार — “यह रोजगार योजना नहीं, रिश्वत है
तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार की 10 हजार रुपये वाली योजना कोरिश्वतबताते हुए कहा कि सरकार इसे उधार के रूप में दे रही है, जिसे बाद में वापस लेना पड़ेगा। उन्होंने इस स्कीम को चुनावी लाभ के लिए महिलाओं को प्रभावित करने की कोशिश करार दिया। साथ ही उन्होंने दो वादे किए

  1. सभी जीविका दीदियों को स्थायी करने का।
  2. उन्हें हर महीने ₹30,000 का वेतन देने का।

नीतीश की योजना का प्रभाव और आंकड़े
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत अब तक 1.21 करोड़ महिलाओं को ₹10,000 की सहायता राशि दी जा चुकी है। हाल ही में 21 लाख महिलाओं के खाते में तीसरी किस्त भेजी गई। यह योजना 29 अगस्त को शुरू की गई थी, और राजनीतिक जानकार इसे जेडीयू के लिए संभावित गेमचेंजर मान रहे हैं।

महिला वोट बैंक पर सीधा असर
महिला मतदाता पिछले चार चुनावों से नीतीश कुमार का भरोसेमंद वोट बैंक रही हैं। विपक्षी खेमे में यह चिंता है कि यह वर्ग एक बार फिर निर्णायक भूमिका निभा सकता है। इसी वजह से तेजस्वी लगातार महिलाकेंद्रित घोषणाओं पर जोर दे रहे हैं। उन्होंने टिकट बंटवारे में भी 24 महिला उम्मीदवारों को जगह दी है।
वहीं, जेडीयू और बीजेपी दोनों ने इस बार 13-13 महिला प्रत्याशी उतारे हैं।

नीतीश की महिलाओं पर केंद्रित योजनाएं
नीतीश कुमार ने पंचायत चुनाव में 50% आरक्षण और सरकारी नौकरियों में 35% आरक्षण पहले से ही लागू किया है। अब महिला रोजगार योजना के ज़रिए वे अपने पारंपरिक महिला वोट बैंक को और मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।

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