UP: जिसका डर था, वही हुआ! बरेली में ‘I Love मोहम्मद’ पर बवाल, पथराव-तोड़फोड़, फिर पुलिस ने दौड़ा-दौड़कर पीटा!

बरेली में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान तनाव देखा गया। शहर के अलग-अलग हिस्सों में “I Love Mohammad” लिखे बैनर लेकर सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे। श्यामगंज-खलील स्कूल के आसपास प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव बढ़ा, कुछ शरारती तत्वों ने वाहनों में तोड़फोड़ की और पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ तितर-बितर की। इस दौरान इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल (IMC) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा को नजरबंद किया गया।
जुमे के बाद शुरू हुआ प्रदर्शन — क्या कहा गया
जुमे की नमाज नौमहला मस्जिद में शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने के बाद, विभिन्न इलाकों में लोग जुलूस के रूप में निकले और नारेबाजी की। प्रदर्शन का स्वर IMC के संकेत और स्थानीय लोगों की भावनाओं से जुड़ा हुआ था। बैनरों पर “I Love Mohammad” का संदेश देखा गया और लोगों ने डीएम को ज्ञापन भेजने की बात भी कही।
Bareilly, Uttar Pradesh📍
Muslims gathered peacefully to submit a memorandum over the #ILoveMuhammad banner issue. Instead of hearing them, police answered with lathis and force. pic.twitter.com/XsQO2gonuh
— Muslim IT Cell (@Muslim_ITCell) September 26, 2025
पुलिस ने रोकने की कोशिश की — एसपी क्राइम से नोकझोंक भी हुई
श्यामगंज में प्रदर्शन को रोकने के प्रयास के दौरान स्थानीय पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक हुई। रिपोर्ट्स में कहा गया कि इस दौरान एसपी क्राइम से भी नोकझोंक देखने को मिली, लेकिन जुलूस नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ता रहा। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने श्यामगंज में दुकानों को बंद कराया और बैरिकेडिंग कर दी।
Bareilly, UP: Thousands of supporters from the minority community took to the streets to protest in favor of ‘I Love Muhammad’ banners, despite multiple flag marches and prevention efforts by the Bareilly police. The situation remains tense, with officers from the RAF and PAC… pic.twitter.com/pzRxvd9vaU
— Krishna Chaudhary (@KrishnaTOI) September 26, 2025
स्कूल के पास तोड़फोड़ और भगदड़ — लाठीचार्ज की आवश्यकता पड़ी
खलील स्कूल के पास अचानक कुछ प्रदर्शनकारियों ने वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। पुलिस ने शांति बनाए रखने के लिए समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब लोग नहीं माने तो नियंत्रण के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। लाठीचार्ज के बाद भगदड़ की स्थिति बन गई और भीड़ तितर-बितर हुई।
Bareilly, Uttar Pradesh: After Friday prayers, people protested carrying “I Love Muhammad” banners, chanting slogans such as “Allahu Akbar.” When police tried to calm the protesters and the situation got out of control, they resorted to a baton charge to restore order pic.twitter.com/QEO85o5j5P
— IANS (@ians_india) September 26, 2025
प्रशासन की तैयारियाँ: इलाकों को ‘छावनी’ में बदला गया
घटना से पहले ही प्रशासन सतर्क था। इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल के एलान के बाद से शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। इस्लामिया मैदान और बिहारीपुर को सुबह से ही छावनी में तब्दील कर दिया गया और श्यामगंज मंडी वाले रोड पर भारी फोर्स व बैरिकेडिंग तैनात रहे। कुछ संवेदनशील इलाकों को भी रोका-जाया गया था ताकि स्थिति बिगड़ने पर त्वरित नियंत्रण हो सके।
Bareilly, UP: Police carried out a lathi charge after protests over ‘I Love Muhammad’ banners turned violent. Stone pelting took place, and some people were dragged away. Despite flag marches, tension continues; RAF & PAC deployed. pic.twitter.com/5UY7oH0aAg
— Krishna Chaudhary (@KrishnaTOI) September 26, 2025
मौलाना तौकीर रजा का बयान और प्रशासन पर आरोप
IMC के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां ने शुक्रवार सुबह जारी एक वीडियो में मीडिया रिपोर्टों को गलत करार दिया और कुछ अधिकारियों व मुखबिरों पर साजिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनका कार्यक्रम शांतिपूर्ण था और नमाज के बाद डीएम के जरिए राष्ट्रपति को ज्ञापन दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रशासन रोक-टोक या ज्यादती करेगा तो उसकी जवाबदेही प्रशासन की होगी।
शांतिपूर्ण नमाज, शरारती तत्वों पर कार्रवाई जरूरी
डीआईजी रेंज बरेली अजय कुमार साहनी ने बताया कि नमाज शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई, लेकिन कुछ शरारती तत्व माहौल खराब करना चाहते थे जिन्हें खदेड़ा गया। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई और माहौल को नियंत्रित किया गया। मौलाना तौकीर को नजरबंद करने की जानकारी भी पुलिस ने दी।
मौजूदा स्थिति और आगे की संभावनाएँ
वर्तमान में प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में चौकसी बढ़ा दी है और हालात को सामान्य बनाने के प्रयास जारी हैं। पुलिस ने कहा है कि जहाँ आवश्यक होगा, वहां और सख्ती की जाएगी। दूसरी ओर, स्थानीय नेताओं व धार्मिक संघठनों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है ताकि बड़े स्तर पर हिंसा व तोड़फोड़ न फैले।
संवेदनशील माहौल में शांति ही प्राथमिकता
बरेली की यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि धार्मिक-राजनीतिक मुद्दों पर संवेदनशील व्यवहार और त्वरित संवाद कितना जरूरी है। प्रशासन को व्यवस्था बनाए रखते हुए नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का संरक्षण भी सुनिश्चित करना होगा। अब फैसला प्रशासनिक कदमों, स्थानीय नेताओं की जिम्मेदारी और दोनों पक्षों के संयम पर निर्भर करेगा।



