लखनऊ में बांग्लादेशी ID विवाद: BJP सांसद बृजलाल भड़के | ‘ट्रिपल इंजन सरकार’ की नाकामी पर उठे सवाल
भाजपा सांसद बृजलाल ने लखनऊ नगर निगम पर अवैध बांग्लादेशियों को आईडी जारी करने का आरोप लगाया। उन्होंने “ट्रिपल इंजन सरकार” की नाकामी बताते हुए मुख्यमंत्री योगी से प्रदेशभर में ऐसे नागरिकों के खिलाफ अभियान चलाने की मांग की।

लखनऊ: लखनऊ में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा के राज्यसभा सांसद और पूर्व डीजीपी बृजलाल ने आरोप लगाया कि लखनऊ नगर निगम ने कथित बांग्लादेशी नागरिकों को सफाई कर्मी के रूप में लाइसेंस जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश की सुरक्षा और प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
‘ट्रिपल इंजन’ सरकार पर सीधा निशाना
बृजलाल ने कहा कि भाजपा की “ट्रिपल इंजन” सरकार — नगर निगम, राज्य और केंद्र — होने के बावजूद अवैध नागरिकों को पहचान और रोजगार मिलना गहरी प्रशासनिक विफलता है। उन्होंने कहा कि नगर निगम की यह लापरवाही राज्य की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है और आईएसआई जैसी एजेंसियों को घुसपैठ का मौका देती है।
वीडियो से शुरू हुआ विवाद
बृजलाल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें वे गोमतीनगर विस्तार क्षेत्र में मॉर्निंग वॉक के दौरान सफाईकर्मियों से बातचीत करते दिखे। वीडियो में कुछ सफाईकर्मी खुद को असम निवासी बताते हैं, लेकिन सांसद का दावा है कि वे असल में अवैध बांग्लादेशी हैं। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी के कार्यकाल में लाखों बांग्लादेशी असम में घुसे थे और अब वही नेटवर्क उत्तर प्रदेश तक फैल चुका है।
गोमतीनगर की झुग्गियों में संदिग्ध बस्तियां
बृजलाल ने दावा किया कि गोमतीनगर की खाली जमीनों और नालों के किनारे बनी झुग्गियों में बड़ी संख्या में संदिग्ध लोग रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकारों ने इन्हें वोट बैंक की राजनीति के तहत बसाया था, और अब ये राज्य की सुरक्षा के लिए खतरा बन रहे हैं।
नगर निगम और महापौर की सफाई
लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि नगर निगम सीधे तौर पर सफाईकर्मियों की भर्ती नहीं करता, यह काम ठेका एजेंसियों के माध्यम से होता है। उन्होंने कहा कि एजेंसियां आधार और पहचान पत्र देखकर ही नियुक्ति करती हैं, फिर भी संदिग्धों की जांच कराई जाएगी।
योगी सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग
बृजलाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरे प्रदेश में अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि संदिग्ध बस्तियों को हटाकर इनकी पहचान की जाए और उन्हें वापस भेजा जाए, ताकि उत्तर प्रदेश की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।



