AI Summit में Chinese Robot पर विवाद, Galgotias University का मामला विधानसभा तक पहुंचा
AI Summit में Chinese Robot को लेकर Galgotias University विवादों में विधानसभा में उठा मामला, स्पीकर ने चर्चा से किया इनकार यूनिवर्सिटी बोली रोबोट खरीदा था, डेवलप नहीं किया

नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित AI Impact Summit 2026 के दौरान Galgotias University से जुड़ा एक विवाद सामने आया है। यूनिवर्सिटी के स्टॉल पर प्रदर्शित एक रोबोट को लेकर दावा किया गया कि वह चीन में निर्मित है, जबकि उसे भारतीय डेवलपमेंट के तौर पर प्रस्तुत किया गया।
विधानसभा में उठा मामला
इस मुद्दे को नियम 56 के तहत विधायक पंकज मलिक ने उत्तर प्रदेश विधानसभा में उठाया। हालांकि विधानसभा स्पीकर सतीश महाना ने यह कहते हुए चर्चा से इनकार कर दिया कि यह समिट उत्तर प्रदेश में आयोजित नहीं हुआ था और न ही इसका आयोजन राज्य सरकार द्वारा किया गया है।
यूपी में नहीं हुआ इवेंट, नहीं होगी चर्चा
स्पीकर ने स्पष्ट किया कि चूंकि यह कार्यक्रम केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली में आयोजित किया गया था, इसलिए प्रदेश विधानसभा में इस पर चर्चा संभव नहीं है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि देश की अलग-अलग यूनिवर्सिटीज़ क्या कर रही हैं, इसकी जानकारी राज्य सरकार के पास उपलब्ध नहीं रहती।
रोबोट विवाद की वजह क्या है?
दरअसल, AI Impact Summit 2026 में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों समेत कई अंतरराष्ट्रीय हस्तियों और टेक कंपनियों के सीईओ ने हिस्सा लिया था। इसी समिट में Galgotias University को भी अपनी इनोवेशन प्रदर्शित करने का मौका मिला था। लेकिन उनके स्टॉल पर मौजूद रोबोट को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे कि क्या यह वास्तव में स्वदेशी तकनीक से विकसित किया गया है।
यूनिवर्सिटी की सफाई
विवाद बढ़ने के बाद यूनिवर्सिटी की ओर से सफाई दी गई कि उन्होंने इस रोबोट को स्वयं विकसित करने का दावा नहीं किया है। यह डिवाइस केवल छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की कार्यप्रणाली समझाने के उद्देश्य से खरीदा गया था।



