बीड में लुटेरी दुल्हन का आतंक, 8 शादियां कर चुकी युवती ने 9वें दूल्हे को भी लगाया लाखों का चूना

बीड में लुटेरी दुल्हन का पर्दाफाश, नौवीं बार शादी कर युवक से की लाखों की ठगी एजेंटों के साथ मिलकर बिछाया जाल, शादी के बाद गहने और पैसे लेकर हो जाती थी फरार पीड़ित दूल्हे ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार, गिरोह के सदस्यों की तलाश में जुटी पुलिस

Maharashtra fake wedding: महाराष्ट्र के बीड जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने सबको हैरान कर दिया है। यहां एक फर्जी शादी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है जो भोले-भाले युवकों को शादी का झांसा देकर लूट रहा था। ताजा मामला उमापूर गांव का है, जहां एक युवती ने अपनी नौवीं शादी रचाकर एक युवक के घर और जेब दोनों खाली कर दिए। यह गिरोह ग्रामीण इलाकों के उन लड़कों को निशाना बनाता था जिनकी शादियां नहीं हो पा रही थीं।

शादी के नाम पर ठगी का खेल

इस युवती के कारनामे सुनकर पुलिस भी दंग रह गई। आरोपी युवती ने उमापूर के इस युवक से पहले अलग-अलग जिलों के आठ अन्य युवकों से शादियां की थीं। हर बार वह शादी के कुछ दिनों बाद मौका देखकर पैसे और जेवर लेकर फरार हो जाती थी। इस बार भी एजेंटों के एक संगठित गिरोह ने उस युवती को कुंवारी और शरीफ बताकर युवक के साथ उसकी शादी तय करवाई थी।

Maharashtra fake wedding: लाखों रुपये वसूल कर दिखाई असलियत

पीड़ित दूल्हे ने बताया कि शादी कराने के नाम पर बिचौलियों और एजेंटों ने उससे लाखों रुपये ऐंठ लिए थे। शादी होने के कुछ समय बाद ही जब उसे अपनी पत्नी के पिछले आठ निकाहों और उसके पुराने रिकॉर्ड का पता चला, तो उसके होश उड़ गए। गिरोह ने इतनी सफाई से जाल बिछाया था कि परिवार को भनक तक नहीं लगी और वे भावनात्मक दबाव में आकर ठगी का शिकार हो गए।

Maharashtra fake wedding: पुलिस से न्याय की गुहार

धोखाधड़ी का शिकार होने के बाद पीड़ित युवक ने हिम्मत दिखाई और चकलांबा पुलिस थाने में आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। युवक ने जिले के पुलिस अधीक्षक से भी मुलाकात कर अपनी आपबीती सुनाई और न्याय की मांग की है। पुलिस अब उन एजेंटों की तलाश कर रही है जो ‘मैरिज एजेंट’ बनकर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाते थे और शादी के नाम पर इस गोरखधंधे को अंजाम दे रहे थे।

कैसे फंसते थे बेगुनाह युवक

Maharashtra fake wedding: यह गिरोह बहुत ही शातिराना तरीके से काम करता था। गिरोह के सदस्य पहले ऐसे घरों की रेकी करते थे जहां लड़कों की उम्र बढ़ रही होती थी। फिर वे मददगार बनकर परिवार से मिलते और मोटी रकम लेकर फर्जी शादी का नाटक रचते। शादी के कुछ ही दिन बीतते कि दुल्हन किसी न किसी बहाने से मायके जाने या फरार होने का बहाना ढूंढ लेती थी, जिससे पीड़ित परिवार लोक-लाज के डर से पुलिस तक नहीं पहुंच पाता थाथा।

 

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