जयमाला पर दूल्हे को पड़ा दौरा, ‘स्कॉर्पियो’ की डिमांड और धोखेबाजी देख दुल्हन ने मंडप में ही ठुकरा दी बारात
जयमाला पर खुली दूल्हे की पोल: मिर्गी का दौरा पड़ते ही दुल्हन ने मंडप में तोड़ा रिश्ता, बाराती बनाए गए बंधक। स्कॉर्पियो की डिमांड और छिपाई बीमारी: हापुड़ में दुल्हन के साहस ने सिखाई सबक, 14 लाख के हर्जाने के बाद लौटी बारात। स्टेज पर दूल्हे की बत्तीसी भिंची तो दुल्हन ने कहा- NO! झूठ की बुनियाद पर नहीं बसाऊंगी घर, पुलिस की मौजूदगी में हुआ समझौता।

Hapur wedding: शादियों का सीजन है, बैंड-बाजा और बाराती सब तैयार थे। हापुड़ के बुलंदशहर रोड पर स्थित ‘ग्रीन वैली मैरिज होम’ रोशनी से जगमगा रहा था। लेकिन किसे पता था कि जिस स्टेज पर खुशियों के ठहाके गूंजने चाहिए, वहां कुछ ही देर में हाई-वोल्टेज ड्रामा शुरू हो जाएगा। जयमाला के वक्त दूल्हे की एक ‘पुरानी बीमारी’ ने न केवल उसकी पोल खोल दी, बल्कि एक झटके में शादी को बंधक और समझौते के खेल में बदल दिया।
स्टेज पर भिंच गई बत्तीसी
गाजियाबाद से गाजे-बाजे के साथ आई बारात जब मैरिज होम पहुंची, तो स्वागत सत्कार में कोई कमी नहीं थी। दूल्हा-दुल्हन जयमाला के लिए स्टेज पर चढ़े ही थे कि अचानक दूल्हे की तबीयत बिगड़ गई। दुल्हन का आरोप है कि दूल्हे को अचानक दौरे पड़ने लगे और उसकी “बत्तीसी भिंच” गई। यह नजारा देख वहां मौजूद मेहमान सन्न रह गए। दुल्हन ने तुरंत भांप लिया कि मामला कुछ और है। उसने आरोप लगाया कि दूल्हे को पुरानी बीमारी है जिसे छिपाकर शादी की जा रही थी, साथ ही वह नशे की हालत में भी था।
Hapur wedding: स्कॉर्पियो के लिए अड़े थे
धोखाधड़ी का अहसास होते ही दुल्हन का गुस्सा फूट पड़ा। उसने मंडप में ही शादी से साफ इनकार कर दिया। दुल्हन ने रोते हुए अपना दर्द बयां किया, “मेरे पिता ने हाथ जोड़कर और कर्ज लेकर इनकी हर डिमांड पूरी की। पहले छोटी गाड़ी दी थी, लेकिन इनका लालच नहीं भरा और ये स्कॉर्पियो के लिए अड़ने लगे। जो लोग झूठ और लालच की बुनियाद पर रिश्ता जोड़ रहे हैं, उनके साथ मेरा भविष्य कभी सुरक्षित नहीं रह सकता।”
Hapur wedding: बाराती बने बंधक
दुल्हन के इनकार के बाद वधु पक्ष का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने धोखाधड़ी और दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए बारातियों को मैरिज होम में ही बंधक बना लिया। हंगामा बढ़ता देख भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पूरी रात पंचायत चली और पुलिस की मौजूदगी में हिसाब-किताब हुआ।आखिरकार, लड़के पक्ष को अपनी गलती माननी पड़ी। तय हुआ कि शादी की तैयारियों और चढ़ावे में जो भी खर्च हुआ है, लड़का पक्ष उसे वापस करेगा। 14 लाख रुपये नकद हर्जाना देने पर दोनों पक्षों में समझौता हुआ। रकम चुकाने के बाद ही दूल्हे और बारातियों को वहां से जाने दिया गया।
बिना दुल्हन लौटी बारात
Hapur wedding: सुबह जब बारात बिना दुल्हन के गाजियाबाद वापस लौटी, तो पूरे इलाके में इसकी चर्चा रही। लोग दुल्हन के इस साहसी फैसले की तारीफ कर रहे हैं। वधु पक्ष का कहना है कि पैसा तो वापस मिल गया, लेकिन उनकी बेटी के विश्वास को जो ठेस पहुंची है, उसकी भरपाई कोई दौलत नहीं कर सकती।
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