ग्रेटर नोएडा में श्रमिक प्रदर्शन पर सरकार का बड़ा बयान, ‘बाहरी तत्वों’ की साजिश का शक

श्रमिक प्रदर्शन पर सरकार का बड़ा खुलासा बाहरी तत्वों पर माहौल बिगाड़ने का आरोप मिसइन्फॉर्मेशन कैंपेन से भड़की स्थिति

Up news: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सभागार में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार की उच्चस्तरीय कमेटी ने हालिया श्रमिक प्रदर्शन और उससे जुड़ी हिंसा पर अपनी स्थिति साफ की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित इस कमेटी ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़ना नहीं चाहिए था, लेकिन इंटेलिजेंस इनपुट्स से संकेत मिले हैं कि कुछ बाहरी और अराजक तत्वों ने माहौल भड़काने की कोशिश की।

 

माहौल बिगाड़ने की कोशिश

कमेटी ने साफ कहा कि उत्तर प्रदेश में तेजी से बन रहे बेहतर औद्योगिक माहौल को खराब करने की कोशिश की जा रही है। कुछ लोग जानबूझकर वर्कर्स बनाम इंडस्ट्री और वर्कर्स बनाम सरकार जैसा माहौल बनाना चाहते हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि ऐसे किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सभी की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।

 

Up news: ‘मिसइन्फॉर्मेशन कैंपेन’ का दावा

मुख्य सचिव दीपक कुमार ने बताया कि श्रमिकों की मांगों को लेकर सरकार गंभीर है और इसके लिए उद्योग, श्रम विभाग, जिला प्रशासन और प्राधिकरण के अधिकारियों की संयुक्त कमेटी बनाई गई है। उन्होंने कहा कि पूरे NCR में एक “मिसइन्फॉर्मेशन कैंपेन” चलाया गया, जिसमें यह अफवाह फैलाई गई कि केंद्र सरकार ने न्यूनतम वेतन 20,000 रुपये तय कर दिया है, जबकि हकीकत में यह प्रक्रिया अभी जारी है।

Up news: दोषियों पर सख्त कार्रवाई के संकेत

ACS MSME आलोक कुमार ने कहा कि कई श्रमिकों की मांगें जायज हैं, लेकिन उनके नाम पर कुछ बाहरी तत्वों ने हिंसा को हवा दी। उन्होंने साफ किया कि प्रदेश के औद्योगिक माहौल से छेड़छाड़ करने की किसी भी साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

श्रमिकों ने भी हिंसा से किया किनारा

Up news: प्रशासन के साथ बातचीत में श्रमिकों ने भी माना कि वे वेतन बढ़ोतरी चाहते हैं, लेकिन हिंसा के पक्ष में नहीं हैं। फिलहाल प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और सभी से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।

 

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