शाहजहांपुर में खुलेआम मौत बाट रहे डग्गामार वाहन

शाहजहांपुर में डग्गामार वाहनों से लगातार हो रही मौतों के बाद भी योगी सरकार के अधिकारी लापरवाह बने हुए है । हाल ही हुए सड़क हादसे में हुई एक साथ 17 मौतों के बाद भी जिले में डग्गामार वाहन क्षमता से अधिक सवारियां ( Over riding vehicles are big problem in Shahjahanpur) भरकर सड़क पर धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं और लोगों को मौत के मूंह में धकेल रहे है। खास बात ये है पुलिस और परिवहन विभाग की सरपरस्ती में मौत के इन दूतों को रोकने वाला कोई नहीं है। फिल्हाल हादसों के बाद अब पुलिस और प्रशासन अधिकारी कार्यवाही करने की बजाय बोलने से बच रहे है।

दरअसल शाहजहांपुर जिले के तमाम मार्गों पर एक हजार से ज्यादा डग्गामार वाहन सवारियों को ढ़ोने का काम कर रहे हैं जो परिवाहन विभाग को भी चूना लगा रहे है। परिवहन विभाग सवारी जीप मे 8 ऑटो मे 3, टैम्पू मे 5, और मैजिक मे 7 सवारी बैठाने का ही परमिट जारी करती है। लेकिन पुलिस और परिवहन विभाग कि सरपरस्ती में ये डग्गामार वाहन 20 से 25 सवारियों को ठूस ठूस कर भूसे की तरह भरते है। इतना ही नहीं ज्यादा से ज्यादा पैसा कमाने की लालच में ये सवारियों को बाहर तक लटका देते है। इन डग्गामार वाहनों को न ही किसी का खौफ है और न ही सवारियों की जान की परवाह। यहीं वजह है कि शाहजहांपुर में अभी हाल मे एन एच 24 पर हुए हादसे मे 17 लोगो की मौत हो गई थी जिसको मुख्यमंत्री ने भी संज्ञान में लिया था।

वही पिछले एक महीनें में नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे सहित अलग अलग सड़क दुर्घटनाओं में दो दर्जन से ज्यादा लोग अपनी जान गवां चुके है और 150 से ज्यादा लोग घायल हो चुके है। एनएच 24 पर जमुका के पास हुए ताजे हादसे में इसी तरह से डग्गामार वाहन को ट्रक ने टक्कर मार दी थी जिसमे 17 लोगों की मौत हुई थी। दो बच्चीयों सहित 5 लोग घायल हो गये थे । तेज रफतार से दौड़ रहे इन डग्गामार वाहनों के खिलाफ अभी तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई । यही वज़ह है कि इन डग्गामार वाहनों की तादात दिन पर दिन बड़ती ही जा रही है। इन पर ना ही पुलिस पाबन्दी लगा पा रही है और न ही परिवहन विभाग की नींद टूट रही है। घटना होने के बाद परिवाहन विभाग कुछ वाहनों का चालान काट कर इतिश्री कर ली। फिलहाल सरकारी महकमा किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। वही सूत्रो की माने तो पुलिस डाग्गामार वाहनों से मोटा पैसा वसूल रही है जिसके चलते कोई कार्रवाई नहीं हो रही है

फिलहाल यहां सवाल ये उठता है कि आखिर डग्गामार वाहनों से हुए हादसों के बाद ही पुलिस और प्रशासन की नींद क्यों टूटती है। अगर समय रहते पुलिस ऐसे डग्गामार वाहनों के खिलाफ अभियान चलाए तो शायद कई जानों को अभी बचाया जा सकता है। लेकिन यहां चन्द पैसों की लालच में इन्सानी जिन्दगियों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

शाहजहांपुर से अंकित शर्मा की रिपोर्ट

 

 

 

 

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