ईरान की नई चेतावनी: अमेरिकी-इजरायली अधिकारियों के घर ‘वैध लक्ष्य’, तनाव और बढ़ा
मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव, ईरान का सख्त रुख अमेरिका-इजरायल को दी सीधी चेतावनी अब निजी ठिकाने और यूनिवर्सिटी भी निशाने पर

तेहरान: अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष को एक महीना पूरा हो चुका है। इस बीच ईरान ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा बयान दिया है। ईरान के संयुक्त सैन्य कमान के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फघरी ने कहा है कि अब अमेरिका और इजरायल के सैन्य और राजनीतिक अधिकारियों के निजी आवास भी ईरान के लिए “वैध लक्ष्य” माने जाएंगे।
ईरानी नागरिकों के घरों पर हमले का आरोप
ईरान का कहना है कि यह फैसला अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई के जवाब में लिया गया है। जोल्फघरी के मुताबिक, इन देशों ने ईरान के कई शहरों में आम नागरिकों के घरों को निशाना बनाया, जिसके बाद अब जवाबी रणनीति बदली जा रही है।
अमेरिका को दी कड़ी चेतावनी
इससे पहले भी ईरान अमेरिका को साफ शब्दों में चेतावनी दे चुका है। ईरान ने कहा है कि अगर अमेरिका ने जमीनी हमला करने की कोशिश की, तो उसके सैनिकों को “आग के हवाले” कर दिया जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सेना की बड़ी तैनाती देखी जा रही है।
शिक्षण संस्थान भी आए निशाने पर
ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर कलीबाफ ने अमेरिका और इजरायल पर शांति वार्ता का दिखावा करने का आरोप लगाया। वहीं, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने पहली बार विश्वविद्यालयों को भी संभावित निशाने में शामिल कर लिया है।IRGC ने साफ कहा है कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी और इजरायली विश्वविद्यालय भी अब उनके दायरे में हैं। साथ ही अमेरिका को 30 मार्च दोपहर 12 बजे तक का अल्टीमेटम दिया गया है कि वह ईरानी विश्वविद्यालयों पर हमलों की निंदा करे और इजरायल को रोके।



