AI Impact Summit में PM मोदी का ‘MANAV Vision’, बोले- AI को मशीन नहीं, इंसान केंद्रित बनाना होगा

AI Impact Summit में PM मोदी ने पेश किया ‘MANAV Vision’ मशीन सेंट्रिक नहीं, ह्यूमन सेंट्रिक AI पर जोर डेटा सुरक्षा और जवाबदेही पर भारत का फोकस

AI impact summit: प्रधानमंत्री Narendra Modi ने गुरुवार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका पर गर्व जताते हुए कहा कि देश अब सिर्फ एआई क्रांति में भागीदारी करने वाला नहीं, बल्कि उसका नेतृत्व करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। AI Impact Summit का औपचारिक उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” के सिद्धांत पर आधारित भारत का ‘MANAV Vision’ पेश किया। उन्होंने कहा कि एआई को मशीन सेंट्रिक की बजाय ह्यूमन सेंट्रिक बनाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

 

क्या है MANAV Vision?

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में AI के लिए ‘MANAV’ विजन की विस्तार से चर्चा की, जिसका उद्देश्य डेटा सुरक्षा के साथ समावेशी और जिम्मेदार तकनीक को बढ़ावा देना है। M – Moral & Ethical Systems: AI सिस्टम का विकास नैतिक मूल्यों और जिम्मेदारी के आधार पर होना चाहिए। A – Accountable: AI से जुड़ी नीतियों और व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। N – National Sovereignty: किसी भी देश के नागरिकों का डेटा उसी देश के अधिकार क्षेत्र में सुरक्षित रहना चाहिए। A – Accessible & Inclusive: AI तकनीक सभी वर्गों के लिए सुलभ होनी चाहिए, न कि कुछ लोगों तक सीमित। V – Valid & Legitimate: AI सिस्टम कानून के दायरे में वैध, विश्वसनीय और सत्यापन योग्य होना चाहिए।

 

भविष्य की जिम्मेदारी पर जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि मशीन लर्निंग से लेकर लर्निंग मशीन तक का सफर तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में जरूरी है कि AI को संवेदनशील और उत्तरदायी बनाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि हमें सिर्फ वर्तमान पीढ़ी ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को ध्यान में रखते हुए यह तय करना होगा कि हम उन्हें AI का कैसा स्वरूप सौंप रहे हैं।

Related Articles

Back to top button