चंडीगढ़ से पंजाब की राजनीति को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है।
दलित-विरोधी बयानों को लेकर AAP का कांग्रेस पर सीधा हमला माफी न मिलने पर चंडीगढ़ में AAP का जोरदार प्रदर्शन 2027 की राजनीति में दलित वोट बन सकता है निर्णायक फैक्टर

Punjab news: आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस पर दलित समाज के अपमान का गंभीर आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। AAP का कहना है कि कांग्रेस नेताओं के हालिया बयान यह साफ करते हैं कि पार्टी की सोच आज भी दलित समाज के प्रति असंवेदनशील और अपमानजनक बनी हुई है। इस मुद्दे पर पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि दलितों का अपमान करना कांग्रेस की आदत बन चुकी है। हरपाल चीमा ने प्रताप सिंह बाजवा और कांग्रेस पार्टी से 24 घंटे के भीतर सार्वजनिक माफी की मांग की थी। तय समय सीमा बीत जाने के बावजूद जब कांग्रेस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई, तो आम आदमी पार्टी का गुस्सा और तेज हो गया।
चंडीगढ़ में AAP का जोरदार प्रदर्शन
सोमवार को आम आदमी पार्टी ने चंडीगढ़ में कांग्रेस की दलित-विरोधी बयानबाजी के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। AAP नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बैंड-बाजा के साथ प्रदर्शन कर यह संदेश दिया कि दलित समाज के सम्मान से खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, लेकिन इसके बावजूद AAP कार्यकर्ता डटे रहे। इस दौरान वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि सरदार हरभजन सिंह ईटीओ के काम, उनकी कम्युनिटी और पूरे दलित समाज का मजाक उड़ाया है। AAP का आरोप है कि कांग्रेस की चुप्पी उसकी मानसिकता और नीति दोनों को उजागर करती है।
राजा वडिंग और राहुल गांधी से माफी की मांग
AAP ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वडिंग के उस कथित बयान पर भी कड़ी आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने दलित मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ को “गर्दन मरोड़ने” जैसी धमकी दी। आम आदमी पार्टी का कहना है कि यह सिर्फ एक बयान नहीं, बल्कि दलित नेतृत्व को स्वीकार न करने वाली कांग्रेस की सोच का उदाहरण है। AAP ने साफ कहा है कि अगर कांग्रेस में थोड़ी भी नैतिकता बची है, तो राजा वडिंग और राहुल गांधी दोनों को दलित समाज से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
कांग्रेस के भीतर भी उठा था दलित प्रतिनिधित्व का सवाल
यह पहला मौका नहीं है जब कांग्रेस पर दलित विरोधी रवैये के आरोप लगे हों। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी खुद यह सवाल उठा चुके हैं कि पंजाब में 35–38 प्रतिशत दलित आबादी होने के बावजूद पार्टी के शीर्ष पदों पर ऊंची जातियों का वर्चस्व क्यों है। उनका यह बयान कांग्रेस के भीतर दलित समाज की उपेक्षा का सार्वजनिक स्वीकार माना जाता है।
AAP सरकार में दलितों को प्रतिनिधित्व
वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी इस मुद्दे पर खुद को अलग बताते हुए कहती है कि पंजाब सरकार की कैबिनेट में 6 मंत्री दलित समाज से आते हैं। AAP का दावा है कि यही वजह है कि पंजाब में दलित समाज का भरोसा तेजी से आम आदमी पार्टी की ओर बढ़ा है।
बाजवा के बयान से बढ़ा विवाद
कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा द्वारा मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ को लेकर दिया गया बयान—कि वह “पहले बैंड बजाता रहा है”,AAP के मुताबिक सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरे दलित समाज का अपमान है। AAP नेताओं का कहना है कि किसी के पेशे और पहचान का मजाक उड़ाना कांग्रेस की उसी पुरानी मानसिकता को दिखाता है।
अनुराग ढांडा का कांग्रेस पर हमला
AAP के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने भी इस मुद्दे पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब कांग्रेस के नेता लगातार दलित समाज का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस में थोड़ी भी शर्म बाकी है, तो राजा वडिंग और राहुल गांधी को तुरंत माफी मांगनी चाहिए।
दलित समाज का भरोसा AAP की ओर
AAP का दावा है कि पंजाब का दलित समाज अब यह महसूस कर रहा है कि कांग्रेस ने समय-समय पर उन्हें अपमान, धमकी और प्रतिनिधित्व की कमी ही दी है। इसके उलट, आम आदमी पार्टी ने उन्हें सम्मान, भागीदारी और सत्ता में हिस्सेदारी दी है। यही वजह है कि 2022 के बाद दलित समाज का झुकाव और ज्यादा AAP की ओर दिख रहा है।
2027 में निर्णायक भूमिका की संभावना
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस से बढ़ती नाराजगी और आम आदमी पार्टी पर बढ़ता भरोसा, 2027 के विधानसभा चुनाव में निर्णायक साबित हो सकता है। दलित समाज का संदेश साफ है, अपमान नहीं, सम्मान चाहिए। और AAP का दावा है कि वही सम्मान आज पंजाब की राजनीति में आम आदमी पार्टी दे रही है।



