अक्षय प्रताप सिंह ‘गोपालजी’ को बड़ी राहत, EOW ने दाखिल की क्लोजर रिपोर्ट

दिल्ली की MP-MLA कोर्ट में धोखाधड़ी मामले में मिली राहत। EOW जांच में जालसाजी के कोई आपराधिक साक्ष्य नहीं मिले। भानवी सिंह की शिकायत पर दर्ज FIR में सभी आरोपियों को क्लीन चिट।

Gopal ji: प्रतापगढ़ के विधान परिषद सदस्य (MLC) कुंवर अक्षय प्रताप सिंह ‘गोपालजी’ और उनके छह सहयोगियों को दिल्ली की MP-MLA कोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने उनके खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि आरोपियों के खिलाफ जालसाजी से संबंधित कोई आपराधिक साक्ष्य नहीं मिले हैं।

विवाद की पृष्ठभूमि

फरवरी 2023 में यह मामला तब शुरू हुआ था जब कुंडा विधायक राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह ने दिल्ली के EOW थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी कंपनी ‘श्री दा प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड’ में उनके फर्जी डिजिटल हस्ताक्षर का उपयोग कर अवैध तरीके से शेयरों का हस्तांतरण किया गया और कंपनी पर कब्जा करने का प्रयास किया गया।

क्लोजर रिपोर्ट के बाद मिली राहत

EOW द्वारा क्लोजर रिपोर्ट दाखिल किए जाने के बाद अक्षय प्रताप सिंह और उनके सहयोगियों को बड़ी राहत मिली है। इस मामले में नामजद अन्य लोगों में अनिल कुमार सिंह, इंद्रदेव पटेल, उमेश कुमार निगम, हरिओम शंकर, रामदेव यादव और अरुण रस्तोगी शामिल हैं।

आरोपों की जांच और निष्कर्ष

भानवी सिंह ने आरोप लगाया था कि इन लोगों ने आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467, 468, 471 और 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत अपराध किया। जांच के दौरान EOW ने कंपनी के दस्तावेजों और डिजिटल हस्ताक्षरों की गहन पड़ताल की, लेकिन कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिलने के कारण सभी आरोपियों को क्लीन चिट दे दी गई।

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