भारत में राजनीतिक नेताओं की हवाई दुर्घटनाएं: अजित पवार से लेकर विजय रूपाणी तक दर्दनाक हादसों का इतिहास
अजित पवार के विमान हादसे ने देश को झकझोर दिया, बारामती में लैंडिंग के दौरान हुआ क्रैश भारत में पहले भी कई बड़े राजनीतिक नेता हवाई हादसों में गंवा चुके हैं जान संजय गांधी से लेकर विजय रूपाणी तक, हादसों का दर्दनाक इतिहास फिर चर्चा में

महाराष्ट्र के पुणे जिले में बुधवार सुबह हुए एक भीषण विमान हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत 5 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों के मुताबिक, यह दुर्घटना उस समय हुई जब अजित पवार का विमान पुणे के बारामती इलाके में लैंडिंग कर रहा था। इस हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। दरअसल, भारत के राजनीतिक इतिहास में यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़े नेता की जान हवाई दुर्घटना में गई हो। इससे पहले भी कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियां विमान और हेलीकॉप्टर हादसों का शिकार हो चुकी हैं। पिछले साल जून 2025 में अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की मौत हुई थी। अब अजित पवार के निधन के बाद एक बार फिर ऐसे दुखद हादसों का इतिहास चर्चा में है।
संजय गांधी
कांग्रेस नेता और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के छोटे बेटे संजय गांधी की मौत 23 जून 1980 को दिल्ली के सफदरजंग एयरपोर्ट के पास हुए विमान हादसे में हुई थी।
वे खुद विमान उड़ा रहे थे और एरोबैटिक्स के दौरान नियंत्रण खो बैठे। महज 33 साल की उम्र में संजय गांधी के निधन से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई थी। उन्हें इंदिरा गांधी का राजनीतिक उत्तराधिकारी माना जा रहा था।
माधवराव सिंधिया
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और ग्वालियर राजघराने के उत्तराधिकारी माधवराव सिंधिया की 30 सितंबर 2001 को उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में एक निजी सेसना विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी। 
वे कानपुर में एक राजनीतिक कार्यक्रम में जा रहे थे। सिंधिया लोकसभा के सबसे सफल नेताओं में गिने जाते थे और उन्होंने कभी चुनाव नहीं हारा था।
जीएमसी बालयोगी
लोकसभा के तत्कालीन स्पीकर और तेलुगु देशम पार्टी के नेता जीएमसी बालयोगी की 3 मार्च 2002 को हेलीकॉप्टर हादसे में मौत हो गई थी। आंध्र प्रदेश के भीमावरम से लौटते समय उनका हेलीकॉप्टर कृष्णा जिले के कैकालूर के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
साइप्रियन संगमा
मेघालय के ग्रामीण विकास मंत्री साइप्रियन संगमा की 22 सितंबर 2004 को हेलीकॉप्टर क्रैश में मौत हो गई थी। वे पवन हंस हेलीकॉप्टर से गुवाहाटी से शिलांग जा रहे थे, तभी बारापानी झील के पास हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में सवार सभी 10 लोगों की जान चली गई थी।
ओ. पी. जिंदल और सुरेंद्र सिंह
31 मार्च 2005 को हरियाणा के तत्कालीन बिजली मंत्री ओम प्रकाश जिंदल और कृषि मंत्री सुरेंद्र सिंह की भी हेलीकॉप्टर हादसे में मौत हो गई थी। दिल्ली से चंडीगढ़ जा रहा उनका हेलीकॉप्टर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में क्रैश हो गया था।
वाई.एस. राजशेखर रेड्डी
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी की 2 सितंबर 2009 को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई थी। 
खराब मौसम के कारण उनका हेलीकॉप्टर चित्तूर जिले के जंगलों में गिर गया था। हादसे के करीब 27 घंटे बाद उनका शव बरामद किया गया।
दोर्जे खांडू
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री दोर्जे खांडू की 30 अप्रैल 2011 को पवन हंस हेलीकॉप्टर हादसे में मौत हो गई थी। वे तवांग से ईटानगर लौट रहे थे, जब चीन सीमा के पास उनका हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
विजय रूपाणी
गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता विजय रूपाणी की 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया फ्लाइट के क्रैश में मौत हो गई थी।
टेकऑफ के कुछ ही देर बाद विमान हादसे का शिकार हो गया, जिसमें कुल 241 यात्रियों की जान चली गई थी।



