ग्रेटर नोएडा: डेल्टा-1 सेक्टर में पीने के पानी में सीवर मिलने से हड़कंप, कई लोग बीमार
डेल्टा-1 सेक्टर में पीने के पानी में सीवर मिलने से स्वास्थ्य संकट दूषित पानी पीने से बच्चे-बुजुर्ग बीमार, उल्टी-दस्त की शिकायत शिकायतों के बाद जागा प्रशासन, लाइन ठीक करने का दावा

ग्रेटर नोएडा के डेल्टा-1 सेक्टर में पीने के पानी की सप्लाई में सीवर का गंदा पानी मिलने से हड़कंप मच गया है। दूषित पानी पीने के कारण सेक्टर के कई निवासी बीमार पड़ गए हैं। लोगों का आरोप है कि तीन दिनों तक लगातार शिकायत करने के बावजूद संबंधित विभाग ने इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया।
तीन दिन तक शिकायत, लेकिन नहीं हुई सुनवाई
आरडब्ल्यूए के उपाध्यक्ष पंकज नागर ने बताया कि पिछले तीन दिनों से सेक्टर में सप्लाई के पानी में सीवर का पानी मिल रहा था। इस संबंध में प्राधिकरण में कई बार शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि पहले भी ऐसी ही लापरवाही के चलते लोग बीमार होकर अस्पताल तक पहुंच चुके हैं।
गंदा और बदबूदार पानी पीने से लोग बीमार
डेल्टा-1 निवासी विजय सिंह ने बताया कि पिछले तीन दिनों से घरों में आने वाला पानी पीला और बेहद गंदा था। उनके घर में बच्चे उल्टी और दस्त की शिकायत से बीमार हो गए। वहीं रुक्मणी सिंह भाटी ने भी पानी से तेज बदबू आने और बच्चों की तबीयत बिगड़ने की बात कही। निवासियों के अनुसार दूषित पानी पीने से कई लोगों को उल्टी, दस्त, सिरदर्द और बुखार जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
जांच में सामने आई बड़ी लापरवाही
मामले की गंभीरता को देखते हुए बुधवार को प्राधिकरण और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने अलग-अलग जगह गड्ढे खोदकर जांच की और पानी के सैंपल भी लिए। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि पीने के पानी की लाइन में सीवर लाइन का पानी मिल गया था। अधिकारियों का कहना है कि जिस जगह से लीकेज हुआ था, उसे ठीक कर दिया गया है। उनके अनुसार यह समस्या एक-दो घरों तक सीमित थी और फिलहाल सेक्टर में पानी की सप्लाई सामान्य हो चुकी है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
गौरतलब है कि इससे पहले मध्य प्रदेश के इंदौर और गुजरात के गांधीनगर में भी गंदा पानी पीने से कई लोग बीमार पड़ चुके हैं। इंदौर में तो इस लापरवाही के चलते कई लोगों की जान तक चली गई थी। फिलहाल ग्रेटर नोएडा में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन स्थानीय लोग भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो, इसकी मांग कर रहे हैं।



