ताइवान में 7.0 तीव्रता का भूकंप, ताइपे तक महसूस हुए तेज झटके

ताइवान के उत्तर-पूर्वी तटीय इलाके में शनिवार देर रात भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 7.0 मापी गई, जिससे राजधानी ताइपे तक इमारतें हिल गईं। फिलहाल किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।

Earthquake: एशियाई देश ताइवान में शनिवार देर रात भूकंप के तेज और डरावने झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 7.0 मापी गई। भूकंप का केंद्र ताइवान के उत्तर-पूर्वी तटीय शहर यिलान से करीब 32 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, भूकंप के झटके इतने तेज थे कि राजधानी ताइपे में कई इमारतें हिल गईं। लोगों में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया और कई लोग घरों से बाहर निकल आए। भूकंप की गहराई लगभग 73 किलोमीटर दर्ज की गई है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। ताइपे सिटी सरकार के मुताबिक, फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। वहीं यिलान इलाके में करीब 3,000 से ज्यादा घरों की बिजली कुछ समय के लिए बाधित हो गई थी, जिसे बाद में बहाल कर दिया गया। प्रशासन की ओर से नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

 

ताइवान में क्यों आते हैं बार-बार भूकंप?

ताइवान भूकंप की दृष्टि से बेहद संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है। यह इलाका दो प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों के जंक्शन के पास आता है। इसी वजह से यहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं और हमेशा खतरा बना रहता है।

 

पहले भी झेल चुका है बड़े भूकंप

ताइवान के इतिहास में कई विनाशकारी भूकंप दर्ज किए गए हैं। साल 2016 में दक्षिणी ताइवान में आए भूकंप में 100 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी। वहीं 1999 में आए 7.3 तीव्रता के भूकंप में करीब 2,000 लोगों की मौत हुई थी। इन्हीं घटनाओं को देखते हुए ताइवान को भूकंप के लिहाज से सबसे ज्यादा अलर्ट रहने वाले देशों में गिना जाता है और यहां आपदा प्रबंधन को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाती है।

 

फिलीपीन सागर में भी आया भूकंप

इसी दौरान फिलीपीन सागर में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। यहां भूकंप की तीव्रता 6.6 मापी गई, जबकि इसकी गहराई लगभग 65 किलोमीटर बताई जा रही है।

 

भूकंप क्यों आता है?

भूकंप आने का मुख्य कारण प्लेट टेक्टॉनिक्स यानी प्लेट विवर्तनिकी है। पृथ्वी की ऊपरी सतह कई बड़ी-बड़ी प्लेटों में बंटी हुई है, जो लगातार बहुत धीमी गति से खिसकती रहती हैं। जब ये प्लेटें आपस में टकराती हैं या दबाव बनता है, तो अंदर जमा ऊर्जा अचानक बाहर निकलती है। इसी ऊर्जा के बाहर आने से जमीन हिलती है, जिसे भूकंप कहा जाता है।

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